टी एस ठाकुर: एक ऐसा जज जिसने अपने पिता से लेकर पीएम तक को नहीं बख्शा

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टी एस ठाकुर
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दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर यानि की तीरथ सिंह ठाकुर आज रिटायर्ड हो गए। ठाकुर आज भले ही सेवानिवृत हो गए हों लेकिन उनका काम लोगों के बीच हमेशा याद किया जाएगा। ठाकुर ने कई बेहतरीन फैसले लिए, सरकार के कार्यों पर सख्त टिप्पणी किए, जजों की कमी के लिए पीएम के सामने रोए।

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इसके अलावा इनकी एक पहचान बेबाकी को लेकर भी है।

“मैं कोर्ट में और कोर्ट से बाहर बड़ी बेबाकी से बोलता हूँ। जहाँ तक आ गया हूँ, उससे आगे जाने की ख्वाहिश नहीं। इसलिए दिल से बोलता हूँ”। आप टी एस ठाकुर के इस वक्तव्य से उनकी बेबाकी का अंदाज समझ गए होंगे।

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कई मौकों पर तो उन्होंने सरकार को भी नहीं छोड़ा। कुछ ऐसी बातें या शेर कहे जो सरकार को सालों साल याद रहेगा।

गुल फेंके है औरों की तरफ़ बल्कि समर भी.
ऐ ख़ानाबर अंदाज़-ए-चमन कुछ तो इधर भी

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सुप्रीम कोर्ट क यह मुख्य न्यायाधीश प्रधानमंत्री को उनके भाषण के सिलसिले में कटघरे में खड़ा कर चुके हैं। सवाल करने उनके स्वभाव का हिस्सा रहा है, उन्होंने कभी अपने पिता को भी नहीं बख़्शा था।

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