दार्जिलिंग में बढ़ा बवाल, अभी भी फंसे हैं कई टूरिस्ट

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दार्जिलिंग

कोलकाता : खूबसूरत पहाड़ी इलाके दार्जिलिंग की शांति आजकल भंग है। पृथक गोरखालैंड और बांग्ला भाषा के खिलाफ गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (GJM) के आंदोलन ने हिंसक रुख अख्तियार कर लिया है। GJM ने दार्जिंलिंग के सरकारी कार्यालयों (केंद्र-राज्य सरकार) में अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है। साथ ही दार्जिलिंग आ चुके या आने वाले पर्यटकों को भी अपने खतरे पर यहां रुकने को कहा गया है। उधर, ममता बनर्जी ने भी आदेश जारी कर दिया है कि कार्यालय तो खुले ही रहेंगे।

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जीजेएम अध्यक्ष बिमल गुरुंग ने ‘अप्रिय’ घटनाओं की आशंका के चलते पर्यटकों को पहाड़ी इलाके से निकल जाने को कहा है। केंद्र की मोदी सरकार की सहयोगी जीजेएम ने राज्य के सरकारी कार्यालयों और गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) के कार्यालयों के अनिश्चितकालीन बंद का आह्वान किया है लेकिन शैक्षणिक संस्थानों, परिवहन व होटलों को इसके दायरे से बाहर रखा है।

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जीजेएम ने बैंकों को आदेश दिया है कि वे हफ्ते में केवल दो दिन ही खोले जाएं। इस बंद की वजह से स्थानीय आबादी और पर्यटकों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इधर, तृणमूल कांग्रेस की सरकार ने आंदोलन जारी रहने तक अपने सभी कर्मचारियों और सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों के कर्मचारियों को रोजाना कार्यालय जाने का आदेश दिया है। चेतावनी जारी की है कि ड्यूटी से उनकी अनुपस्थिति को सेवा में अंतराल माना जाएगा।

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सरकारी सूचना में कहा गया है, ‘दार्जिलिंग और कलीमपोंग जिलों में राज्य सरकार के सभी कार्यालय खुले रहेंगे और सभी कर्मचारी प्रतिदिन ड्यूटी पर आएं। अनुपस्थिति सेवा में कमी मानी जाएगी और ठोस आधार नहीं होने पर वेतन भी नहीं दिया जाएगा।’