गणतंत्र दिवस पर आतंकी साया, दिल्ली में घुसे दो अफगानी आतंकी

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पुलिसवालों ने बताया कि राजपथ के नजदीक स्थित इमारतों की फिर से जांच होगी। विभिन्न राज्यों के करीब 50 जासूसों को स्नाइपरों के साथ छतों और पेड़ों पर तैनात किया गया है। एनएसजी और एसपीजी के जवान राजपथ के उस इलाके की हिफाजत करेंगे, जहां वीवीआईपी मौजूद होंगे। सात लेयर का सुरक्षा घेरा होगा। दिल्ली पुलिस सबसे बाहर के घेरे की हिफाजत की कमान संभालेगी। केंद्रीय सुरक्षा बलों के करीब 1500 कंपनियां (15000 जवान) अहम इमारतों की सुरक्षा करेंगी। रविवार को एक बेहद अहम बैठक हुई, जिसमें संदिग्ध आतंकियों से जुड़ा प्रेजेंटेशन सुरक्षा अधिकारियों को दिखाया गया और उनकी राय भी मांगी गई ताकि सुरक्षा पूरी तरह चाक चौबंद हो।

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इंडियन आर्मी के सैनिक भी राजपथ के नजदीक तैनात होंगे, जो चौबीसों घंटे गाड़ियों और लोगों के मूवमेंट पर नजर रखेंगे। परेड वाले रूट पर लालकिले तक दिल्ली पुलिस के स्वाट कमांडोज तैनात होंगे। इंडियन एयर फोर्स ने एक ऐसी टीम तैयार की है, जो ड्रोन्स आदि के मूवमेंट पर नजर रखेगी। सेना ने पैरा कमांडोज से बनी क्विक रिएक्शन टीम पूरी दिल्ली में तैनात की है। दिल्ली पुलिस, केंद्रीय बल, एसपीजी, एनएसजी के कुल मिलाकर 50 हजार लोग बुधवार रात ड्यूटी पर होंगे। विभिन्न थानों में तैनात पुलिसवालों को आदेश दिया गया है कि अपने इलाकों में गश्त बढ़ा दें। अहम इमारतों मसलन-दूतावासों, ऐतिहासिक स्थल, स्टेडियम और भीड़भाड़ भरे इलाकों में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

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