UN में भारत ने दिखाया पाकिस्तान को आइना, भारत का कोई राजधर्म नहीं, हम धर्म निरपेक्ष राष्ट्र

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

रोहतगी ने कहा कि भारत के लोग राजनीतिक स्वतंत्रता और अधिकारों को लेकर बेहद जागरूक हैं। बृहस्पतिवार को समीक्षा बैठक में रोहतगी ने दोहराया कि भारत में सरकार के साथ ही स्वतंत्र न्यायपालिका भी मानवाधिकार संरक्षण में अहम भूमिका निभाती है। याकूब मेनन का नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि भारत में सुप्रीम कोर्ट रात दो बजे भी सुनवाई शुरू कर देती है। शीर्ष अदालत ने ट्रांसजेंडर के अधिकारों की रक्षा के लिए उनको तीसरे जेंडर का दर्जा दिया।

इसे भी पढ़िए :  दादी के साथ राहुल की यादगार तस्वीर और मन की बात

यूएन मानवाधिकार परिषद की इस बैठक में सभी सदस्य देश अपने यहां के मानवाधिकार के रिकॉर्ड के दस्तावेज पेश करते हैं और फिर इसमें दूसरे देशों को सवाल उठाने का हक होता है। लिहाजा पाकिस्तान ने इस मुद्दे पर भारत पर अंगुली उठाई, जिसका भारत ने करार जवाब दिया। इस दौरान इटली, इस्राइल और जापान ने भारत से अंतरराष्ट्रीय अभिसमय के तहत मृत्यु दंड खत्म करने को कहा। इस अभिसमय में भारत ने 19 साल पहले दस्तखत किए थे।

इसे भी पढ़िए :  विदाई भाषण में बोले राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी " समाज को हिंसा से मुक्त होना चाहिए "

 

अटॉर्नी जनरल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की उस दलील को खारिज कर दिया कि AFSPA वाले इलाके में सुरक्षाबलों को कानून कार्रवाई से छूट है। साथ ही अदालत ने सुरक्षाबलों के खिलाफ कार्रवाई करने का आदेश दिया।

इसे भी पढ़िए :  भारत में ट्रेन हादसों की साजिश रचने वाला नेपाल से गिरफ्तार, ISI के इशारे पर दे रहा था घटना को अंजाम

 

2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse