Gallery: 360 यात्रियों की जान बचाकर, मौत को गले लगाने वाली नीरजा की बहादुरी को सलाम

0
5 of 6
Use your ← → (arrow) keys to browse

नीरजा को भारत सरकार ने इस अदभुत वीरता और साहस के लिए मरणोपरांत अशोक चक्र से सम्मानित किया जो भारत का सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है।अपनी वीरगति के समय नीरजा भनोट की उम्र 23 साल थी। इस प्रकार वे यह पदक को प्राप्त करने वाली पहली महिला और सबसे कम आयु की नागरिक भी बनी। पाकिस्तान सरकार की ओर से उन्हें तमगा-ए-इन्सानियत से नवाज़ा गया।

इसे भी पढ़िए :  जानें बीजेपी के कांग्रेस मुक्त नॉर्थ ईस्ट के सपने को किसने दिया झटका

neerja 5

5 of 6
Use your ← → (arrow) keys to browse