मोदी ने देश पर नोटबंदी का ‘परमाणु बम’ गिराकर भारतीय अर्थव्यवस्था को हिरोशिमा, नागासाकी बना दिया- शिवसेना

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

मोदी ने अपनी हालिया महाराष्ट्र यात्रा के दौरान कहा था कि वह शासन के मुद्दे पर शरद पवार से सलाह लेते थे। उनके इस बयान को याद करते हुए शिवसेना ने कहा कि यदि प्रधानमंत्री ने नोटबंदी के मुद्दे पर राकांपा प्रमुख से सलाह ली होती तो वह उन्हें ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ यानी सहकारी आंदोलन का अपमान न करने की सलाह देते। संपादकीय में कहा गया, ‘किसानों की रीढ़ तोड़ दी गई है और उनकी स्थिति के बारे में पूछने वाला कोई भी नहीं है। जिला सहकारी बैंकों को पुराने नोट बदलने से रोककर ऐसे सभी बैंकों पर भ्रष्ट होने का तमगा लगा दिया गया है।’ आगे कहा गया है कि किसान अपने दैनिक लेनदेन के लिए जिला सहकारी बैंकों का इस्तेमाल करते हैं और यदि सरकार इन किसानों को कालाबाजारी करने वाला मानती है, तो फिर उसे ‘जय जवान, जय किसान’ का नारा देने का कोई अधिकार नहीं है। शिवसेना ने कहा कि विवादों से घिरे शराब व्यापारी विजय माल्या पर बैंकों की कथित तौर पर करोड़ों रुपए की देनदारी है लेकिन उन्होंने जिला सहकारी बैंकों के ऋण कभी नहीं चुकाए। शिवसेना ने कहा, ‘हमें यह देखकर बहुत दुख होता है कि लोगों के जीवन की निरंतरता डगमगा गई है।’

इसे भी पढ़िए :  पेरिस समझौते पर भारत की सहमति से खुश हुए ओबामा, थपथपाई पीएम मोदी की पीठ
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse