उपहार सिनेमा हादसा: सुप्रीम कोर्ट ने सुनाया फैसला, अब इतने साल तक जेल में रहेंगे आरोपी

0
उपहार सिनेमा
फाइल फोटो
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

सुप्रीम कोर्ट ने 20 साल पहले हुए उपहार सिनेमा अग्निकांड हादसे में गोपाल अंसल को आज(गुरुवार) को एक साल की सजा सुनाई है। पुनर्विचार याचिका पर फैसला सुनते हुए कोर्ट ने सुशील अंसल को उनकी उम्र की वजह से जेल नहीं भेजा है।

 

 

सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला साल 2015 में दिये गए फैसले पर डाली गई रिव्यू पिटिशन की सुनवाई करते हुए दिया है। आपको बता दें कि 13 जून 1997 में उपहार सिनेमा में आग लग गयी थी जिसमें 59 लोगों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा था।

इसे भी पढ़िए :  बैंकॉक में मेदांता अस्पताल की एयर एंबुलेंस क्रैश, पायलट की मौत

 

 

सीबीआई ने अपनी पुनर्विचार याचिका में कहा है कि कोर्ट में उसे अपना पक्ष रखने का पर्याप्त मौका नहीं मिला, इसलिए न्‍याय नहीं हुआ। इस आधार पर सीबीआई ने मांग की थी कि मामले पर दोबारा विचार किया जाए जबकि पीड़ि‍तों की ओर से कहा गया कि सुप्रीम कोर्ट ने दोनों को जुर्माना लगाकर छोड़ दिया जबकि देश के कानून के हिसाब से किसी भी अपराधी की सजा के साथ जुर्माना तो लगाया जा सकता है लेकिन सजा को जुर्माने में तब्दील नहीं किया जा सकता।

इसे भी पढ़िए :  CBSEका नया नियम, अब फरवरी में होगें 10 वीं और12 वीं के बोर्ड एग्‍जाम

 
गौरतलब है कि नवंबर 2015 में सुप्रीम कोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए फैसला सुनाया जब सुप्रीम कोर्ट ने 1997 के उपहार सिनेमा अग्निकांड मामले में उन्हें तीन महीने के भीतर 30-30 करोड़ रुपये का जुर्माना अदा करने का निर्देश दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट की तीन जजों की बेंच ने उम्र के आधार पर कहा था कि जुर्माना ना देने की सूरत में 2 साल जेल की सजा दी जाएगी।

इसे भी पढ़िए :  BREAKING: नीतीश कुमार ने विधायकों से कहा- राष्ट्रपति चुनाव में रामनाथ कोविंद को दें वोट- रिपोर्ट्स

 

अगली स्लाइड में पढ़ें खबर का बाकी अंश

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse