पाकिस्तान में भी बड़े नोट बंद करने की मांग, भारत का दिया उदाहरण

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भारत के बाद अब पाकिस्तान में भी बड़े नोट बंद करने की मांग उठने लगी है। एक पाकिस्तानी सांसद ने संसद में भारत का उदाहरण देते हुए कालेधन और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए 1000 और 5000 हजार के नोट बंद करने की मांग की है। विपक्षी पाकिस्तान पिपुल्स पार्टी के सांसद उस्मान सैफुल्लाह खान ने वित्त मंत्रालय की स्थाई समिति को संबोधित करते हुए कहा बड़ी कीमत वाले मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार बढ़ने की संभावना है। भारत का उदाहरण देते हुए खान ने कहा कि विश्व में इस तरह के बड़े नोटों को बंद किया जा रहा है। खान ने साथ ही कहा कि बड़े कीमत के नोट बंद करने का मामला वित्तमंत्रालय और सेंट्रल बैंक के समक्ष रखा जाना चाहिए। बता दें, मंगलवार (8 नवंबर) को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 500 और 1000 रुपए बंद करने का ऐलान किया था। मोदी ने ये नोट बंद करते हुए कहा था कि इससे भारत में कालाधन, जाली मुद्रा और भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी।

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भारत में पुराने नोटों को बदलने और जमा कराने के लिए 31 दिंसबर तक का समय दिया गया है। इस दौरान लोग अपने पुराने नोट बैंकों में जाकर बदलवा सकते हैं या फिर अपने अकाउंट में जमा करा सकते हैं। साथ ही सरकार ने कहा है कि जो 2.5 लाख से ज्यादा रुपए जमा कराते हैं तो उनसे 200 गुना जुर्माना लिया जाएगा। नोट बंद किए जाने के एक दिन बाद केंद्र सरकार ने बुधवार रात को घोषणा करते हुए कहा कि 2.5 लाख से ज्यादा के नोट को बदलने पर घोषित आय मिलाया जाएगा। घोषित आय से अगर जमा की राशि नहीं मिली तो टैक्स और 200% तक जुर्माना जमा करना पड़ेगा। राजस्व सचिव हसमुख अधिया ने इस विषय पर बोलते हुए कहा, ’10 नवंबर से 30 नवंबर तक के बीच जमा किए जाने वाले सभी पैसों की हमें रिपोर्ट्स मिलती रहेगी।’

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