सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद जानिए कहां कहां जरूरी होगा आधार

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सुप्रीम कोर्ट
फाइल फोटो
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सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि समाज कल्याण योजनाओं के तहत लाभ उठाने के लिए आधार कार्ड अनिवार्य नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश न्यायमूर्ति जगदीश सिंह केहर, न्यायमूर्ति डी।वाय। चंद्रचूड़ और न्यायमूर्ति संजय किशन कौल की सदस्यता वाली पीठ ने यह फैसला दिया। वरिष्ठ अधिवक्ता श्याम दीवान ने सरकार द्वारा जारी किए गए विभिन्न आदेशों को चुनौती दी थी, जिनमें विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ उठाने के लिए आधार को अनिवार्य बताया गया।

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सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आधार को लेकर हमारा पिछला आदेश पूरी तरह से अपडेट था। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने आधार संबंधी याचिका पर तुरंत सुनवाई से साफ इंकार कर दिया। इस मुद्दे पर समय के साथ सुनवाई की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी कहा कि सरकार को 12 अंकों की इस पहचान संख्या को गैर-लाभकारी योजनाओं में अनिवार्य किए जाने से रोका नहीं जा सकता।

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सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस जेएस खेहर ने कहा कि आधार जनहित स्कीम के लिए अनिवार्य नहीं है। लेकिन गैर-लाभकारी योजनाओं (जैसे बैंक खातों के खोलने या टैक्स रिटर्न करने से जोड़ने) के लिए इसका इस्तेमाल किया जा सकता है। केन्द्र सरकार ने हाल ही में सरकार की करीब एक दर्जन योजनाओं के लाभार्थियों के लिए आधार को अनिवार्य करने का फैसला लिया है। इन योजनाओं में मिड-डे मील स्कीम भी शामिल थी। हालांकि, इस पर बाद में छूट देने का फैसला लिया गया।

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