मैदान-ए-जंग में दुश्मन की 9 गोलियां सीने पर खाने के बाद भी जिंदगी की जंग जीतने वाले CRPF कमांडेंट चेतन कुमार चीता कश्मीर के हालात से काफी परेशान हैं। इसलिए उन्होंने कश्मीर जाने की इच्छा जताई है। चीता का कहना है कि वह कश्मीर को बहुत मिस कर रहे हैं और इस वक्त वहां होना चाहते हैं।
चेतन कुमार चीता ने कहा कि वह कोबरा टीम का हिस्सा बनना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि इतनी सारी गोलियां खाने का बाद भी मैं यहां आपके सामने बैठा हूं, पर अभी भी लगता है कि मेरा कुछ काम अधूरा है। यह इसलिये है कि मैं कुछ खास ही हूं।
आपको बता दें कि चेतन कुमार चीता 14 फरवरी को बांदीपुरा में आतंकियों के साथ मुठभेड़ में घायल हो गए थे। मुठभेड़ में 3 जवानों की मौत हो गई थी। सुरक्षा बलों ने इलाके में आतंकियों की मौजूदगी की खबर के बाद सर्च अभियान चलाया था, लेकिन आतंकियों को पहले ही इसकी जानकारी ही मिल गई थी। उन्होंने ठिकाना बदल लिया। चेतन ऑपरेशन का नेतृत्व कर रहे थे। आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान चीता पर 30 गोलियां चलाई गईं, जिनमें 9 गोलियां लगी थीं।
जिसके बीद घायल हालत में चीता को पहले श्रीनगर के आर्मी अस्पताल ले जाया गया था, वहां उनकी ब्लीडिंग रोकने के लिए दवाइयां दी गईं। हालांकि जख्म इमन गहरा था की गंभीरता को देखते हुए उन्हें एयर ऐंबुलेंस के जरिए एम्स ले जाने का फैसला किया गया। एम्स में पहले से ही तैयार डॉक्टरों की टीम ने कमांडेंट चेतन चीता का इलाज किया। विशेषज्ञों की एक टीम ने ऐंटीबायॉटिक थेरपी के जरिए उनकी देखरेख की थी। और फिर दो महीने के इलाज के बाद उनकी स्थिति ठीक हुई है।