संसदीय दल की बैठक में आडवानी ने कहा, वो सोनिया-मनमोहन से बात करने के लिए तैयार

0
2 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse

आगे पढ़िए क्या है शत्रु संपत्ति बिल
केंद्र सरकार ने 1962, 1965 और 1971 के युद्धों के बाद पाकिस्तान और चीन को शत्रु देश घोषित किया और उनके नागरिकों की भारत में संपत्ति को शत्रु संपत्ति का दर्जा देकर अपनी कस्टडी में ले ली। 1968 में इस बारे में कानून बनाया गया था. इसके बाद देश भर में ऐसी जितनी भी संपत्तियां थीं उन्हें केंद्र सरकार की कस्टडी में ले लिया गया।

इसे भी पढ़िए :  फिल्म फेस्टिवल के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा- चाहे राष्ट्रगान 40 बार क्यों ना बजे, आपको हर बार खड़ा होना होगा

इस बारे में सुप्रीम कोर्ट के 2005 के आदेश के मद्देनजर यूपीए सरकार भी 2010 में एक अध्यादेश लाई थी। बाद में मोदी सरकार ने भी इस बारे में एक बिल लोक सभा में पेश किया जिसे 9 मार्च 2016 को पारित किया गया। लेकिन राज्य सभा में इस बिल को सेलेक्ट कमेटी को भेजने की मांग हुई। सेलेक्ट कमेटी भी अपनी रिपोर्ट दे चुकी है मगर उसमें कांग्रेस, लेफ्ट और जेडीयू के सांसदों ने असंतोष जताया। तब से ये बिल राज्य सभा में लटका हुआ है और इसीलिए सरकार को कई बार अध्यादेश जारी करना पड़ा है।

इसे भी पढ़िए :  सदन में आयकर संशोधन विधेयक पेश, पढ़ें अघोषित आय पर कितना देना होगा टैक्स
2 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse