नतीजो में बदले रूझान, उपचुनावों में 3 सीटों पर बीजेपी ने मारा मोर्चा, 3 सीटों पर गिनती जारी

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

नोटबंदी के बाद इन उपचुनावों को अहम माना जा रहा हैं

पीएम मोदी के नोटबंदी के बाद हो रहे इन उपचुनावों को अहम माना जा रहा है और इसे नोटबंदी के बाद सत्तारूढ़ बीजेपी के लिए लिटमस टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है। देखा जाए तो बीजेपी तीन राज्यों असम, मध्य प्रदेश और अरुणाचल प्रदेश में अपनी सीट वापस हासिल करने की मशक्कत में जुटी है। वहीं कोलकाता, भोपाल और चेन्नई की बात करें तो यहां बीजेपी को नोटबंदी के चलते थोड़ा नुकसान झेलना पड़ सकता है। क्योंकि इन राज्यों में नोटबंदी पर काफी हो हल्ला भी हुआ है। वहीं स्थानीय मुद्दों के उपचुनावों में छाए रहने के भी कयास लगाए जा रहे हैं।

इसे भी पढ़िए :  नोटबंदी से परेशान बीजेपी सांसद बोले, अगर नहीं हुई कैश की किल्‍लत दूर तो यूपी चुनाव में होगा नुकसान

मतदाताओं का मिजाज स्थानीय मुद्दों के आधार पर ही बनता बिगड़ता है। लेकिन ये कहना गलत नहीं होगा कि मोदी सरकार के नोटबंदी के फैसले के बाद ये पहली अग्नि परीक्षा है जिसमें उन्हें जनता की प्रतिक्रिया मिलेगी। जहां पश्चिम बंगाल के कूचबिहार और तमलुक में तृणमूल कांग्रेस अपनी सीट बचाने की लड़ाई लड़ रही है। वहीं मध्य प्रदेश में बीजेपी अपनी आदिवासी सीट को सुरक्षित रखने की कोशिश कर रही है। अरुणाचल प्रदेश में कलिखो पुल की पत्नी दसांगलु पुल बीजेपी की सीट बचाने के लिए मैदान में हैं।

इसे भी पढ़िए :  लखनऊ रैली में विपक्ष पर मोदी का वार, एक पार्टी को बेटे की, दूसरी को पैसों की चिंता और तीसरी अपने ही परिवार में उलझी
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse