सावधान! अगर ड्राइविंग करते हुए उठाया फोन तो सीधे जाएंगे जेल!

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

कोर्ट ने अटॉर्नी जरनल से कहा कि वह उचित प्राधिकार को इस बारे में अवगत कराएं, जिससे वे सजा बढ़ाने पर विचार करें। सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जरनल ने कहा कि धारा 304 ए में लापरवाही से गाड़ी चलाकर जान लेने तथा लापरवाही के कारण मरने के सभी मामले शामिल हैं और इसके लिए सजा बढ़ाने से कोई उद्देश्य हल नहीं होगा।

इसे भी पढ़िए :  सुप्रीम कोर्ट का आदेश, 'अगर राष्ट्रगान फिल्म का हिस्सा तो खड़ा होना जरूरी नहीं'

कोर्ट का मानना है कि ऐसे गाड़ी चलाने वालों पर सख्ती करने की सख्त ज़रूरत है क्योंकि ऐसी लापरवाही करने वाले लोग अपनी जान के लिए ही नहीं दूसरों के लिए भी खतरनाक होते हैं। और जो सज़ा उनके लिए बनाई गई है उससे दुर्घटना के मामले बढ़ ही रहे हैं उनमें कोई कमी नहीं है तो इसलिए सज़ा को और ज़्यादा कडा करने की ज़रूरत है। इस मामले की अगली सुनवाई 6 दिसंबर को होगी।

इसे भी पढ़िए :  सैमसंग स्मार्टफोन यूजर को 3 महीने के लिए डेटा, वॉयस कॉलिंग, एसएमएस मिलेगा अनलिमिटेड

 

2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse