अगर गिरफ्तार ना होते ये दो भाई तो गुजरात बन जाता ISIS का अड्डा और हो जाता ‘लोन वुल्फ’ अटैक

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सीरिया
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गुजरात के राजकोट और भावनगर से एटीएस ने आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट ISIS के दो संदिग्ध आतंकवादियों को पकड़ा है। दोनों संदिग्ध आतंकियों के आलाकमान के संपर्क में थे।

एटीएस को दोनों संदिग्धों के पास से अहम दस्तावेज मिले हैं। दोनों के नाम वसीम और नईम है। दोनों सगे भाई हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि उनके पास से जब्त किए लैपटॉप में बम बनाने की टेक्नोलॉजी थी। इसके अलावा, बरामद मोबाइल में बम बनाने का वीडियो था।

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सूत्रों के मुताबिक जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक ये दोनों ही पिछले करीब डेढ़ साल से एटीएस के सर्विलांस में थे। उन्होंने फेसबुक पर आईएस से जुडी बातें लाईक की थीं तभी से ये एटीएस के सर्विलांस में थे। इनमें से एक व्यक्ति कंप्‍यूटर का एक्सपर्ट माना जाता है और दूसरे बम बनाने का साहित्य इकट्ठा किया था।

पुलिस को मिली जानकारी के मुताबिक ये दोनों राजकोट के पास चोटीला धर्मस्थल पर हमला करने की तैयारी में थे। इनमें से एक की पत्‍नी भी संदिग्ध है। इन दोनों ने सीरिया और इराक में लोगों से फोन पर या इंटरनेट के जरिये संपर्क किया था और जल्द ही सीरिया जाने की तैयारी में थे।

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संदिग्धों के पास से देसी बम, गन पाउडर, मास्क, कंप्यूटर समेत काफी सामान जब्त किया गया है। उनके कंप्यूटर और मोबाइल फोन से प्रतिबंधित साहित्य सामग्री भी बरामद की गई है। एटीएस के उप-अधीक्षक के.के. पटेल ने बताया कि दोनों संदिग्ध पिछले डेढ़ साल से पुलिस के रडार पर थे। आरोप है कि दोनों ट्विटर, फेसबुक और टेलीग्राम नाम के मैसेजिंग एप के जरिए ISIS के संपर्क में थे।

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