भारत में ISIS का पहला हमला, पढ़िए पुलिस ने कैसे किया हैंडल

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लखनऊ में एटीएस कमांडर छत तोड़कर मकान में दाखिल हुए, जिसके बाद सैफुल्लाह ने वहीं एक जगह खुद को लॉक कर लिया। पुलिस को इन आतंकियों के छिपे होने के इनपुट्स एमपी एटीएस से मिले थे। बताया गया कि जब पुलिस ने चिली ग्रेनेड्स और टियर गैस का इस्तेमाल किया तो सैफुल्लाह ने खुद को कमरे में बंद कर लिया। इसके बाद उसने फायरिंग से जवानों को जवाब देना शुरू कर दिया।

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यूपी एडीजी (लॉ ऐंड ऑर्डर) दलजीत चौधरी ने पुलिस ने सैफुल्लाह को जिंदा पकड़ने के तमाम प्रयास किए। कमांडो कमरे में छेद कर भीतर प्रवेश करने की प्रक्रिया में थे, जहां वह छिपा हुआ था। यह पहली बार है, जब ISIS ने भारत में घुसकर इस तरह हमला किया है। इससे पहले ISIS के मॉड्यूल्स द्वारा दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद समेत कई बड़े शहरों में आतंकी योजनाएं विफल साबित हुई हैं।

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बीते 1 साल में एनआईए और पुलिस ने विभिन्न राज्यों से 60 भारतीय मूल के ISIS में शामिल हुए लोगों को पकड़ा है, जो देश के भीतर किसी भी तरह के हमले में अपनी भूमिका निभा सकते थे। ये लोग तकरीबन 6-7 मॉड्यूल्स का हिस्सा थे, जो हमले को अंजाम नहीं दे सके।

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