मुस्लिम समाज के लिए अब मुख्तार अब्बास नक़वी लगाएंगे ‘कैशलेस चौपाल’, कहा- मुस्लिम समाज को इस से जुड़ना चाहिए

0
मुख्तार अब्बास नक़वी
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नोटबंदी के बाद देश में कैशलेस इकॉनमी के सपने को पूरा करने की तरफ केन्द्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी ने एक अहम फैसला लिया है। उनका कहना है कि डिजिटल लेनदेन, ऑनलाइन और मोबाइल लेनदेन कालेधन, भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और मजबूत मुहिम है। और मुस्लिम समाज को इस से जुड़ना चाहिए तथा मंत्रालय इस उद्देश्य के लिए कैशलेश चौपाल लगायेगा।

 

भाषा की खबर के अनुसार, नकवी ने कहा कि हमारा मंत्रालय अल्पसंख्यक समाज को कैशलेस व्यवस्था से जोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर ‘कैशलेस चौपाल’ लगाएगा जिससे हम लोगों को यह बताएंगे कि इससे जिंदगी कितनी आसान और बेहतर हो सकती है।

इसे भी पढ़िए :  बड़बोले काटजू के निशाने पर अब सुप्रीम कोर्ट, कहा: पेश होने को तैयार, लेकिन क्या संविधान इसकी इजाजत देता है

 

अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने कहा कि मोदी सरकार ने डिजिटल पेमेंट की व्यवस्था पर जोर दिया है । गैस सब्सिडी, महात्मा गांधी नरेगा जैसी योजनाओं सहित 17 मंत्रालयों की लगभग 78 जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों के बैंक खातों में दिया जा रहा है।

इसे भी पढ़िए :  HRD के बाद अब कपड़ा मंत्रालय भी नहीं संभाल पा रहीं स्मृति

 

उन्होंने कहा कि प्रत्यक्ष नकद अंतरण से अभी तक 36 हजार करोड़ रूपये से ज्यादा सरकारी धन की बचत हुई है। कोयला, स्पेक्ट्रम, खानों की ऑनलाइन बोली लगाने की व्यवस्था से सरकारी खजाने में 3 लाख करोड़ रूपये की आमदनी हुई है। अल्पसंख्यक मंत्रालय ने 3 करोड़ छात्रों की 6715 करोड़ रूपये की छात्रवृति सीधे उनके बैंक खातों में भेजी है।

इसे भी पढ़िए :  मोदी सरकार ने चुनाव प्रचार में जमकर बहाया केन्द्र का पैसा, संसदीय समिति की रिपोर्ट में हुआ खुलासा

 

नकवी ने कहा कि इन सभी कदमों से विकास की रौशनी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में सफलता हासिल हुई है । उन्होंने कहा कि केंद्र और अन्य सरकारों द्वारा उनके सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक सशक्तिरण के लिए किये गए बड़े पैमाने पर खर्च के बावजूद मुस्लिम गरीबी रेखा के नीचे रह गये।

अगली स्लाइड में पढ़ें खबर का बाकी अंश

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse