30 साल बाद फिर से हो रही 1 रुपये के नोटों की छपाई

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पिछले सप्ताह जो 5 करोड़ नोट छापे गए थे, उनमें से 10 लाख नोट 1 रुपये के थे, जिन्हें अलग-अलग बैंकों को भेजा जा चुका है। इन नोटों को छापने के लिए सामान्य इंक से अलग स्याही मध्य प्रदेश के देवास से मंगाई गई है। विमुद्रीकरण के बाद नोटों की प्रिंटिंग में तेजी आने के चलते इंक की मांग भी खासी बढ़ गई है। स्याही की कमी न हो इसके लिए देवास से स्पेशल इंक की सप्लाइ की जा रही है।

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