टाइगर कंजर्वेशन अथॉरिटी ने लगाया बीबीसी और उसके एक पत्रकार पर पांच साल का प्रतिबंध

0
बीबीसी
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

एनटीसीए (राष्‍ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण) ने टीवी चैनल बीबीसी और उसके पत्रकार जस्टिन रॉलेट पर देश के सभी टाइगर रिजर्व में घुसने पर बैन लगा दिया गया है। ये बैन पांच साल के लिए लगाया गया है। ये फैसला असम के काजीरंगा राष्ट्रीय पार्क में शिकारियों के खिलाफ खिलाफ कड़ी नीति अपनाने पर सवाल उठाने वाली बीबीसी की डॉक्‍यूमेंटरी के सामने आने के बाद उठाया गया है।

इसे भी पढ़िए :  शिवसेना का रक्षा मंत्री पर तंज, कहा- पाकिस्तान की आंख फोड़ कर लाओ

 

टाइम्‍स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बैन बीबीसी के पूरे नेटवर्क पर लगाया गया है। बता दें कि बीबीसी के दक्षिण एशिया के संवाददाता रॉलेट ने काजिरंगा अभ्‍यारण में गैंडों को पर ‘वन वर्ल्‍ड: किलिंग फॉर कंजर्वेशन’ नाम से डॉक्‍यूमेंटरी बनाई थी। इसमें गैंडों को बचाने के लिए अपनाए जा रहे कदमों पर सवाल उठाए गए थे।

 

इसमें दावा किया गया था कि काजिरंगा के फॉरेस्‍ट गार्ड को यह अधिकार दिया गया है कि अगर उन्‍हें लगे गैंडों को नुकसान पहुंचाया जा सकता है कि तो वे किसी को भी गोली मार सकते हैं। जस्टिन रॉलेट ने अपनी डॉक्‍यूमेंटरी में बताया था कि फॉरेस्‍ट गार्ड को मिले इस तरह के अधिकारों के चलते गैंडों से ज्‍यादा इंसान मारे गए। पिछले साल 17 गैंडों की तुलना में 23 लोग मारे गए। फिल्‍म के परिचय वाले बीबीसी के आर्टिकल में रॉलेट ने बताया कि साल 2014 के बाद से केवल दो शिकायत को सजा हुई जबकि 50 को गोली मार दी गई। केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय पर ने डॉक्‍यूमेंटरी की तीखी आलोचना करते हुए इसे पूरी तरह से गलत बताया था।

इसे भी पढ़िए :  झारखंड की राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू बन सकती हैं देश की अगली राष्ट्रपति ? जानिए उनके बारे में 10 बड़ी बातें

 

अगली स्लाइड में पढ़ें बाकी की खबर

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse