संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट, अगले दो सालों में भारत में बढ़ सकती है बेरोजगारी

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

भाषा की खबर के अनुसार, आईएलओ के महानिदेशक गाइ राइडर ने कहा, “इस वक्त हमलोग वैश्विक अर्थव्यवस्था के कारण उत्पन्न क्षति एवं सामाजिक संकट में सुधार लाने और हर साल श्रम बाजार में आने वाले लाखों नवआगंतुकों के लिए गुणवत्तापूर्ण नौकरियों के निर्माण की दोहरी चुनौती का सामना कर रहे हैं।”

इसे भी पढ़िए :  उत्तर कोरिया में बाढ़ से 133 लोगों की मौत, 395 लपाता: संयुक्त राष्ट्र

आईएलओ के वरिष्ठ अर्थशास्त्री और रिपोर्ट के मुख्य लेखक स्टीवेन टॉबिन ने कहा, “उभरते देशों में हर दो श्रमिकों में से एक जबकि विकासशील देशों में हर पांच में से चार श्रमिकों को रोजगार की बेहतर स्थितियों की आवश्यकता है।” इस आंकड़े में दक्षिण एशिया एवं उप-सहारा अफ्रीका में और अधिक गिरावट आने का खतरा है।

इसे भी पढ़िए :  कुलभूषण जाधव मामले में भारत को बड़ा झटका, यूएन ने कहा- फैसला लेने की स्थिति में नहीं, दोनों देश इसे आपस में सुलझाए

इसके अलावा, विकसित देशों में बेरोजगारी में भी गिरावट आने की संभावना है और यह दर 2016 के 6.3 प्रतिशत से घटकर 6.2 प्रतिशत तक हो जाने की संभावना है।

इसे भी पढ़िए :  पाकिस्तान के पेशावर जेल में बंद भारतीय कैदी पर इस महीने तीन बार जानलेवा हमला हुआ
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse