अमेरिका और जापान से भी जुड़े हैं उरी हमले के तार, पढ़िए पूरी खबर

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इन आतंकियों ने अपने पास मौजूद जीपीएस का डाटा पहले ही डिलीट कर दिया। गौरतलब है कि पठानकोट में मारे गए आतंकी ऐसा नहीं कर पाए थे। लेकिन फिर भी जीपीएस डिवाईस का सीरियल नंबर यह पता करने के लिए काफी है कि उन्हें कहां से खरीदा गया था। मिली जानकारी के मुताबिक उन जीपीएस डिवाइस को यूएस की कंपनी गारमिन से खरीदा गया था।
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गौरतलब है कि पिछले रविवार (18 सितंबर) को जम्मू-कश्मीर के उरी में सेना के ऊपर आतंकियों ने हमला किया था जिसमें 18 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद आर्मी ने बॉर्डर पर सुरक्षा बढ़ा दी है। कई जगहों पर घुसपैठ की कोशिशों को भी सेना ने नाकाम किया है। उरी में घुसपैठ की कोशिश कर रहे 15 आतंकियों पर सेना ने फायरिंग की थी जिसमें से 10 आंतकी मारे गए थे बाकी 5-6 आतंकी वापस भाग गए थे।
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Uri attack connected japan America

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