विश्वबैंक का दावा, ऑटोमेशन से रोजगार पर बढ़ेगा खतरा

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आटोमेशन के बढ़ते उपयोग से बड़े पैमाने पर रोजगार पर खतरा बढ़ सकता है। विश्वबैंक की एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार इससे भारत में 69 प्रतिशत और चीन में 77 प्रतिशत रोजगार को खतरा है। इसमें कहा गया है कि विकासशील देशों में प्रौद्योगिकी परंपरागत आर्थिक रास्ते के प्रतिरूप को बुनियादी रूप से बाधित कर सकती हैं।

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विश्वबैंक के अध्यक्ष जिम किम ने कहा, “चूंकि हम वृद्धि को गति देने के लिये बुनियादी ढांचे में निवेश को निरंतर प्रोत्साहित कर रहे हैं, ऐसे में हमें यह सोचना होगा कि विभिन्न देशों को भविष्य की अर्थव्यवस्था के लिये किस प्रकार की ढांचागत सुविधाओं की जरूरत है। हम सभी जानते हैं कि प्रौद्योगिकी ने लगातार बुनियादी रूप से दुनिया का एक नया आकार दिया है और देगा।” ब्रुकिंग्स इंस्टीट्यूट में एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, “लेकिन कृषि उत्पादकता बढ़ाने के परंपरागत आर्थिक रास्ते से हल्के विनिर्माण तथा उसके बाद पूर्ण रूप से औद्योगिकरण सभी विकासशील देशों के संभव नहीं हो सकता।”

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