37 साल तक 5 स्टार होटल में रहा ये शख्स

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बलसारा की फाइल फोटो

दिल्ली के लुटियंस स्थित होटल ताज मान सिंह, शहर के मुगल वास्तुकला के दुर्लभ उदाहरण में से एक है। एक प्यारे से बगीचे के साथ यह होटल गुलाबी धौलपुर सैंडस्टोन से बना हैं। बहुत लोगों का सपना होता है कि उनका 5 स्टार होटल जैसे घर में रहे, लेकिन एक इंसान है जिसकी ये इच्छा पूरी हुई। वह और कोई नहीं वह है दादी बलसारा।  दादी बलसारा पारसी बिजनेसमैन थे जो कि 37 वर्षों तक ताज मान सिंह होटल के कमरा नंबर 901 में रहे। और वही उन्होंने अपनी अंतिम सासें ली।

बलसारा और उनकी पत्नी क्रिस्टीना स्टोन(जिनकी 2009 में मौत हुई) दोनों ने होटल के कमरा नंबर 901 को अपना घर बना लिया। और दोनों ही होटल को अपने घर की तरह प्यार करने लगे। दोनें की कोई संतान नहीं हैं।होटल के कुछ लोगों के मुताबिक, बलसारा ने शहर में कभी भी घर खरीदने की जरूरत महसूस नहीं की, क्योंकि वह ताज मानसिंह को ही अपने घर के रूप में  मानते थे और होटल के कर्मचारियों को वे अपने परिवार की तरह मानते थे।वह बलसारा ही थे जिन्होंने हिमाचल के धौला कुआं में सबसे बड़े नेचुरल मिनिरल वॉटर प्लांट का सेटअप किया था। जिसका नाम माउंट एवेरेस्ट मिनरल वाटर था। कुछ सालों बाद उन्होंने ये कंपनी टाटा को बेच दी थी, जिसका नाम बदल कर हिमालय रखा गया था। उस दौरान उनका टाटा से ये अनुबंध हुआ की जब तक वह जिंदा रहेंगे तब तक वह ताज मानसिंह होटल में ही रहेंगे।

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आम धारणा के विपरीत, बलसारा हमेशा से अमीर नहीं थे। उन्होंने अपने करियर की शुरूआत नागपुर में एक एलआईसी अधिकारी के रूप में की। तनख्वाह 600 रुपये महीना थी। जिसके बाद वह स्कॉलरशिप लेकर अमेरिका में साइकॉलजी पढ़ने चले गए। और डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने के बाद अपनी प्रेक्टिस करने लगे। जिसमें उन्हें सफलता नहीं मिली। जिसके बाद बलसारा ने कुछ छोटे-मोटे टीवी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, लेकिन इसमें भी उन्हें अधिक सफलता नहीं मिली।

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उनकी जिंदगी में मोड़ तब आया जब एक जापानी टेलीविजन चैनल ने उनके ‘holistic lifestyle’ programmes को होस्ट करने का निर्णय लिया। और उनका ये प्रोग्राम बहुत सफल हुआ। बाद में बलसारा सिंगापुर में सेटल हो गए जहां उन्होंने परफ्यूम का कारोबार किया और “परफ्यूम किंग ऑफ एशिया” का टाइटल अपने नाम किया। 1991 में उन्होंने भारत वापस आने का फैसला किया और दिल्ली में बस गए।63 देशों में फैले व्यावसायिक साम्राज्य के साथ, मृत्यु के समय पर बलसारा सबसे अमीर एनआरआई में से एक थे, कथित तौर पर उनके बैंक खाते में 250 करोड़ रुपये थे।

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