नई दिल्ली। सूचना के अधिकार (आरटीआई) कानून के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुधारने के तरीके सुझाने के लिए केंद्र सरकार कानून के छात्रों की मदद लेगी।
आरटीआई कानून के क्रियान्वयन के लिए नोडल प्राधिकरण के रूप में काम करने वाले कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने कानून की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों द्वारा सूचनाएं सार्वजनिक करने का मूल्यांकन करने के लिए इंटर्नशिप कराने का फैसला किया है।
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डीओपीटी ने जारी एक आदेश में कहा कि ‘‘योजना का प्राथमिक उद्देश्य अधिक जवाबदेह और पारदर्शी सरकार में योगदान करना है और इस उद्देश्य की प्राप्ति के लिए आरटीआई के लिहाज से जागरुकता निर्माण, प्रशिक्षण और ई-शासन की पहलें शामिल हैं।’’
































































