PM मोदी ने किया एलान, 2 अक्टूबर को पेरिस समझौते को मंजूरी देगा भारत  

0
फाइल फोटो।

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार(25 सितंबर) को अचानक यह घोषणा कर चौंका दिया कि भारत जलवायु परिवर्तन से जुड़े पेरिस समझौते का दो अक्टूबर को अनुमोदन करेगा। यह समझौता वैश्विक ग्लोबल वॉर्मिंग पर नियंत्रण के अंतरराष्ट्रीय स्तर संबंधी उपायों को लागू करने में गति प्रदान करेगा। पेरिस समझौते का भारत द्वारा अनुमोदन इसे पूरी तरह लागू करने में एक ‘‘बड़ा कदम’’ होगा।

पेरिस समझौते का अनुमोदन अगले रविवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर करने की घोषणा मोदी ने भाजपा की राष्ट्रीय परिषद में की। अमेरिका समेत पश्चिमी देश इस समझौते के जल्द अनुमोदन का समर्थन कर रहे हैं। भारत इसके लिए राष्ट्रीय प्रक्रिया पूरा करने के वास्ते और समय मांग रहा था, क्योंकि उसे आशंका थी कि जल्दबाजी में कोई निर्णय करने से उसकी विकास परियोजनाएं प्रभावित हो सकती हैं।

इसे भी पढ़िए :  तुर्की ने भारत से मुम्बई में फेतुल्लाह के आंतकी नेटवर्क से जुड़े संगठनों को बंद करने की मांग की

भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि ‘‘सीओपी21 के संबंध में एक कार्य शेष है। इसका अनुमोदन करना अभी बाकी है और भारत में ऐसा करना बाकी है। आज दीनदयाल उपाध्याय की जयंती के अवसर पर मैं यह घोषणा करता हूं कि दो अक्तूबर को महात्मा गांधी की जयंती के अवसर पर भारत इसका अनुमोदन करेगा।’’

इसे भी पढ़िए :  विजाग टेस्ट: भारतीय टीम दूसरी पारी में 204 रन बनाकर हुई ढेर

प्रधानमंत्री ने कहा कि उन्होंने इस दिन को इसलिए चुना, क्योंकि महात्मा गांधी का जीवन न्यूनतम कार्बन उत्सर्जन का उदाहरण है। पिछले दिसंबर में पेरिस जलवायु बैठक के दौरान 190 से अधिक देशों ने ग्लोबल वॉर्मिंग पर लगाम लगाने के लिए महत्वाकांक्षी सीमा का लक्ष्य तय करने पर सहमति व्यक्त की थी।

इसे भी पढ़िए :  India vs England, राजकोट टेस्ट में इंगलैंड ने 500 का स्कोर किया पार

पेरिस समझौता के लागू होने के लिए ऐसे कम से कम 55 देशों से इसके अनुमोदन की जरूरत है, जो कुल 55 प्रतिशत ग्रीन हाउस गैस उत्सर्जन के जिम्मेदार हैं। सीओपी21 के निर्णय के अनुमोदन की जरूरत की चर्चा करते हुए मोदी ने कहा कि ग्लोबल वार्मिंग के कारण कई तटीय देशों और शहरों पर खतरा मंडरा रहा है। यहां तक कि केरल का यह इलाका भी एक तटीय क्षेत्र है।