दिल्ली-NCR में चल रहा है नकली सिक्कों का खेल, देखकर आप भी हो जाएंगे फेल, यहां पहचानिए फर्क

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देश की राजधानी दिल्ली में नकली सिक्कों का काला कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। बाहरी दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्र में जिला पुलिस ने नकली सिक्के बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है और यहां से सिक्का निर्माण में प्रयुक्त रॉ मैटेरियल जब्त किया है। पकड़े गए आरोपी नरेश की निशानदेही पर पुलिस फैक्ट्री चलाने वाले अन्य लोगों की तलाश में छापेमारी कर रही हैं।

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, दिल्ली में चल रहे हाई अलर्ट की वजह से इन्स्पेक्टर समरपाल सिंह की अगुवाई में एएटीएस टीम शनिवार को रोहिणी सेक्टर-11 और 17 को डिवाइड करने वाली रोड पर गाड़ियों की तलाशी ले रही थी। इस बीच शाहबाद डेयरी की ओर से आ रही स्विफ्ट डिजायर कार को चेकिंग के लिए रोका गया। कार की तलाशी के दौरान गाड़ी के बूट स्पेस में दो प्लास्टिक बैग मिले। जिसमें 20 पैकेट में करीब सौ-सौ सिक्के रखे थे। यह सारे सिक्के पांच और दस रुपये के थे। इन नकली सिक्कों की कीमत करीब 40 हजार रुपये आंकी गई है। कार सवार की पहचान रोहिणी सेक्टर-11 निवासी नरेश कुमार के तौर पर हुई है।

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आरोपी चालक ने पूछताछ के दौरान बार-बार अपने बयान बदले। पहले उसने खुद को पंजाब नेशनल बैंक का अधिकारी बताया। मगर पहचान पत्र मांगे जाने पर वह कोई दस्तावेज नहीं दिखा सका। सख्ती से पूछताछ करने पर उसने बताया कि वह पिछले चार महीने से नकली सिक्के बनाने के काम में शामिल रहा है। एएटीएस टीम ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में नरेश ने एएटीएस टीम को बताया कि बवाना इंडस्ट्रियल एरिया में सिक्के बनाने की अवैध फैक्ट्री चल रही है। नरेश ने फैक्ट्री चलाने वालों के नाम सोनू और राजू बताए हैं। राजेश कुमार नाम का व्यक्ति इस फैक्ट्री का मैनेजर है।

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इस खुलासे के बाद पुलिस ने उस फैक्ट्री पर भी छापा मारा। लेकिन तब तक वहां से तीनों आरोपी फरार हो चुके थे। पुलिस को फैक्ट्री में सिक्के बनाने वाली मशीन व काफी सिक्के बनाने का सामान मिला है। पुलिस फैक्ट्री को सील कर फरार आरोपियों की तलाश में जुट गई है। आरोपियों ने पुलिस से हुई पूछताछ में बताया कि व्यवसाय में घाटे और कर्ज से उबरने के लिए उन्होंने नकली सिक्कों का प्रस्ताव स्वीकार किया था।

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