मोदी का मुरीद हुआ 3 करोड़ का इनामी नक्सली, कहा- पीएम अगर कर दें ये काम तो फेक देंगे हथियार

0
नक्सली
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

शिक्षा में साइंस से ग्रेजुएट, मगर दामन पर सैकड़ों हत्याओं का दाग, सिर पर तीन करोड़ 60 लाख का इनाम। 37 वर्षों से पुलिस ढूंढने में नाकाम। इनाम राशि के आधार पर देखें तो जंगलों में छिपा नक्सलियों का यह नेता दाउद से भी खतरनाक है। नाम है गणपति। गणपति ने भी नोटबंदी को लेकर चुप्पी तोड़ी है। फैसले से जुड़ी नीयत की तारीफ करते हुए कहा है कि अगर मोदी सरकार छापे मारकर गरीबों का धन लूटकर अमीर बने धन्नासेठों को जेल में ठूंस दे तो नक्सली हथियार फेक देंगे। हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में शामिल हो सकते हैं। 48 साल के खूनी नक्सल इतिहास में यह पहला मौका है, जब किसी नक्सली नेता ने सरकार की तारीफ की है।

इसे भी पढ़िए :  यह शादी बनी मिसाल! नहीं दिया बेटी को दहेज पर 90 गरीबों को बांट दिए घर

वर्ष 1979 में करीमपुर में आखिरी बार कामरेड गणपति को किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में देखा गया। कई नक्सली वारदातों में सैकड़ों लोगों की जान लेने पर जब छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र और आंध्र प्रदेश की सरकार ने गिरफ्तारी के लिए इनाम रखना शुरू किया तो गणपति भूमिगत हो गए। तब से गणपति की लोकेशन आज तक नक्सली हिंसा से जूझ रहे राज्यों की पुलिस तलाश नहीं पाई। जब कभी कोई बयान सार्वजनिक करना पड़ता है तो कामरेड गणपित भरोसेमंद पत्रकारों को इंटरव्यू देता है। गणपति कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (माओवादी) का महासचिव है। यह संगठन अंडरग्राउंड संचालित होता है।

इसे भी पढ़िए :  अलीगढ़ में हिंदू परिवारों में दहशत, जान को बताया खतरा, घर बेचने को हैं तैयार!
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse