‘सरकार को चुनावों के बाद बजट पेश करने पर विचार करना चाहिए’

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फाइल फोटो।

नई दिल्ली। पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त एसवाई कुरैशी ने शनिवार(14 जनवरी) को सुझाव दिया कि सरकार को पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों से पहले लेखानुदान पेश करने और मतदान खत्म होने के बाद बजट पेश करने पर विचार करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि चुनाव के समय आम बजट न पेश किया जाए तो कोई बहुत बड़ा नुकसान नहीं होने वाला। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने पहले ही चुनाव आयोग को इस बात की जानकारी दी होती तो शायद इसे लेकर बेहतर तरीके से प्लानिंग हो सकती थी।

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साइकिल चुनाव निशान पर दावे को लेकर समाजवादी पार्टी के दो खेमों के बीच कशमकश के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग इस पर रोक लगा सकता है और दोनों पक्षों को अंतरिम नाम और चिन्ह देकर एक अंतरिम आदेश जारी कर सकता है।

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कुरैशी ने कहा कि चुनावों के दौरान चुनाव आयोग आमतौर पर राज्यों को पूर्ण बजट के बजाय लेखानुदान पेश करने को कहता है। मुझे आशा है कि सरकार समाज के एक बड़े वर्ग की इन भावनाओं पर निश्चित तौर पर विचार करेगी कि बजट चुनाव बाद पेश किया जाना चाहिए। क्योंकि उन्हें लगता है कि चुनावी नतीजों पर इसका कुछ असर हो सकता है।

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विपक्ष का कहना है कि सरकार 31 जनवरी से संसद सत्र बुलाती है तो किसी को इस पर किसी भी प्रकार का एतराज नहीं हैं, लेकिन आम बजट 8 मार्च के बाद ही पेश किया जाए ताकि सरकार को मतदाताओं को लुभाने का कोई मौका ना मिले।