नोटबंदी में कैसा गणतंत्र?- शिवसेना

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शिवसेना
फाइल फोटो

आज(26 जवारी) देश का 68वां गणतंत्र दिवस मनाया जा रहा है। इस मौके पर शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ में केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है। मुखपत्र में मोदी सरकार पर तंज कसते हुए कहा गया है कि जनतंत्र में जनता खुद की कमाई ही बैंक से नहीं निकाल पा रही और मेहनतकशों को अपराधियों की तरह कतार में खड़ा होना पड़ रहा है

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अखबार में लिखे लेख में देश में सुरक्षा के माहौल पर भी सवाल खड़े किये गए हैं। पार्टी ने पूछा है कि जब पीएम और उनके मंत्री सुरक्षा घेरे में घूमते हैं और आतंकी हमले का खतरा बरकरार है तो ऐसे में नई सरकार आने के बाद क्या बदला है?

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शिवसेना की राय में 15 अगस्त और 26 जनवरी जैसे मौकों पर सरकारी समारोहों में मुलाजिमों की भीड़ इकट्ठी की जाती है और जनता की भागीदारी ना के बराबर होती है। कई बार कंपकंपाती सर्दी में स्कूली बच्चों से परेड करवाई जाती है। पार्टी के मुताबिक स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय योगदान देने वाली जनता अब नहीं है।

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मुखपत्र के जरिये देश में गरीबी पर चिंता जाहिर करते हुए कहा गया है कि बड़े-बड़े वायदों के बावजूद गरीबी और महंगाई जैसे राक्षस अब भी गरीबों की छाती पर खड़े हैं। पार्टी ने पूछा है कि हर साल की तरह आज भी देश भर में तिरंगा फहराया जाएगा लेकिन क्या देश का परचम सुरक्षित है?