रेप पीड़ित महिला कर्मचारियों को तीन महीने का पेड लीव

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रेप
प्रतीकात्मक तस्वीर
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नियमों में बदलाव कर केंद्र सरकार ने रेप पीड़ित पीड़ित महिला कर्मचारियों को जांच लंबित रहने के दौरान अब तीन महीने का वैतनिक अवकाश यानि कि पेड लीव देने का निश्चय किया है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने हाल ही में सेवा नियमों में संशोधन कर ऐसी महिला कर्मचारी जिन्होंने कार्यस्थल पर यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई है, उन्हें 90 दिन का अवकाश।

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केंद्र सरकार की ऐसी महिला कर्मचारी जिन्होंने कार्यस्थल पर यौन शोषण की शिकायत दर्ज कराई है, उन्हें मामले की जांच पेंडिंग रहने तक 90 दिन का वैतनिक अवकाश(पेड लीव) मिलेगा। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) ने इस संबंध में हाल में सेवा नियमावली में बदलाव किया है।

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नए नियम में कहा गया है कि कार्यस्थल पर महिलाओं से यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध और निवारण अधिनियम-2013) के तहत जांच लंबित रहने तक पीड़ित सरकारी महिला कर्मचारी को 90 दिन तक का विशेष अवकाश दिया जा सकता है।

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यह नियम इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि ऐसी शिकायतें मिलती रही हैं कि यौन शोषण पीड़ित महिलाओं को धमकियां दी गई हों या उन्हें बयान बदलने को मजबूर किया गया हो।

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