8.5 लाख गाड़ियां कूड़ा, सुप्रीम कोर्ट ने BS III गाड़ियों पर लगाई रोत

0
सुप्रीम कोर्ट
फाइल फोटो
Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse

सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार (29 मार्च) को भारत स्टेज (BS) III इंजिन वाली गाड़ियों की सेल पर रोक लगा दी है। कोर्ट के फैसले के मुताबिक अब आगामी 1 अप्रैल 2017 से BS III गाडियों की बिक्री बंद होगी। कोर्ट ने फैसला देते हुए कहा है कि जिन गाड़ियों को भारत स्टेज (BS) IV के मानकों के हिसाब से नहीं तैयार किया गया है उनकी सेल पर 1 अप्रैल से रोक लगा दी जाएगी।

 

जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस दीपक गुप्ता की पीठ ने सोसाइटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) और अन्य की याचिका पर सुनवाई के बाद मंगलवार को अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। बुधवार को फैसला सुनाते हुए कोर्ट ने कई सख्त टिप्पणियां कीं। अदालत ने कहा, “एक अप्रैल से BS-IV लागू होना था, फिर भी कंपनियां टेक्नॉलजी को विकसित करने को लेकर बैठी रहीं।”

इसे भी पढ़िए :  राजीव गुबा को बनाया गया देश का नया गृह सचिव

 

इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स की ओर से पैरवी करते हुए वरिष्ठ वकील एएम सिंघवी ने मंगलवार को कोर्ट में कहा था कि कंपनियां उत्सर्जन मानकों को मानने के लिए प्रतिबद्ध हैं और उन्होंने BS-IV वाहनों का निर्माण भी शरू कर दिया है पर मौजूदा स्टॉक को खत्म करने के लिए 7-8 महीने का वक्त दिया जाना चाहिए। इसपर कोर्ट ने कहा था कि केंद्र ने BS-IV मानक वाले ईंधन उत्पादन के लिए प्रौद्योगिकी उन्नयन पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए हैं। कंपनियों को उनके गोदाम में रखे BS-III मानक वाले वाहनों की बिक्री की अनुमति देकर प्रदूषण पर लगाम लगाने के सरकारी प्रयासों को बाधित करने की अनुमति नहीं दी जा सकती। भारत में लगभग 20 हजार ऑटोमोबाइल डीलर्स हैं जिनके पास यह पुराना स्टॉक मौजूद है। अकेले हिरो मोटो कॉर्प ने कुछ समय पहले दावा किया था कि BS III पर बैन लगने से उसे 1600 करोड़ रुपये का घाटा हो सकता है।

इसे भी पढ़िए :  सरकार के सख्त तेवर, जाकिर नाईक की ‘बोलती’ बंद करने की तैयारी पूरी

अगली स्लाइड में पढ़ें बाकी की खबर

Prev1 of 2
Use your ← → (arrow) keys to browse