ऊबर में सबकुछ ठीक नहीं, सीईओ ने दिया इस्तीफ़ा

0
ऊबर

नई दिल्ली : आखिरकार ऊबर के को-फाउंडर और सीईओ ट्रैविस कैलनिक ने इस्तीफा दे दिया। कंपनी के अंदर मची उथल-पुथल के बीच कैलनिक अभी छुट्टी पर चले गए थे और अब उनके कंपनी छोड़ने की खबर आ गई है। दरअसल, ऊबर के दफ्तर में यौन उत्पीड़न, भेदभाव एवं दुर्व्यवहार के मामलों को नजरअंदाज करने के आरोप में सीईओ ट्रैविस कैलनिक को शेयरहोल्डरों का विरोध झेलना पड़ रहा था। इस बीच न्यू यॉर्क टाइम्स ने बुधवार को सुबह जानकारी दी कि उन्होंने कंपनी छोड़ दी। न्यू यॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट में दो करीबी सूत्रों के हवाले से कहा गया कि कैलनिक के छुट्टी पर जाने के बाद कंपनी के बड़े-बड़े निवेशकों के बीच गहमागहमी का माहौल बन गया और पांच निवेशकों ने कैलनिक के तुरंत इस्तीफे की मांग की। वेंचर कैपिटल फर्म बेंचमार्क ने कैलनिक का जबर्दस्त विरोध किया।

इसे भी पढ़िए :  टैक्स रिटर्न भरने की अंतिम डेडलाइन तय

कैलनिक ने एक बयान में कहा, ‘मैं दुनिया में सबसे ज्यादा ऊबर को प्यार करता हूं और अपने व्यक्तिगत जीवन की इस कठिन घड़ी में मैंने हटने का निवेशकों का आग्रह स्वीकार कर लिया ताकि ऊबर फिर से मजबूती की ओर बढ़े न कि एक और लड़ाई में फंसकर पटरी से उतर जाए।’ उधर, कंपनी के बोर्ड ने भी बयान जारी किया। इसमें कहा गया है कि कैलनिक ने ऊबर को हमेशा प्राथमिकता दी और उनका सीईओ का पद छोड़ने से ऊबर के इतिहास के इस नए अध्याय को पूरी तरह अंगीकार करने का मौका मिलेगा। हालांकि, ऊबर के प्रवक्ता ने इस मामले पर आगे कुछ भी कहने से इनकार कर दिया।

इसे भी पढ़िए :  शेयर बाजार ने दिखाई रिकॉर्डतोड़ बढ़त, सेंसेक्स पहली बार 32 हजार के पार

12 जून को न्यू यॉर्क टाइम्स ने ही खबर दी थी कि कंपनी में वर्क कल्चर खराब होने का खामियाजा न केवल कैलनिक को बल्कि उनके एक सिपहसलार को भी भुगतना पड़ सकता है। तब कहा गया था कि बोर्ड में टॉप ऑफिसर एमिल माइकल को नौकरी से हटाने की बात चल रही है।

इसे भी पढ़िए :  प्लास्टिक नोटों को दी गई मंजूरी, सबसे पहले 10 रुपये के नोटों की होगी छपाई

इससे पहले कंपनी के एक टॉप अधिकारी को हटा दिया गया था जिन्होंने उस भारतीय महिला का कथित तौर पर मेडिकल रिकॉर्ड जुटाया था जिसका ऊबर ड्राइवर ने साल 2014 में रेप किया था। एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया कि ऊबर ने 6 जून को एशिया पसिफिक बिजनस के प्रेजिडेंट एरिक अलेक्जेंडर को नौकरी से निकाल दिया। दरअसल, पिछले कुछ महीनों में कंपनी उत्पीड़न, भेदभाव और दुर्व्यवहार के आरोपों में 20 कर्मचारियों को हटाने का ऐलान कर चुकी है।