MDH वाले 94 साल के धरमपाल गुलाटी ने कमाई बेशुमार दौलत, बने देश के नंबर वन CEO

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देश के विभाजन के बाद गुलाटी दिल्ली के करोल बाग आकर बस गए थे और तब से वह भारत में 15 फैक्ट्रियां खोल चुके हैं जो करीब 1000 डीलरों को सप्लाई करती हैं। MDH के दुबई और लंदन में भी ऑफिस हैं। यह मसाला कंपनी लगभग 100 देशों से एक्सपोर्ट करती है। गुलाटी के बेटे कंपनी का हर कामकाज संभालते हैं वहीं उनकी 6 बेटियां डिस्ट्रिब्यूशन का काम संभालती हैं।

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कंपनी अपनी सफलता का श्रेय अपनी सप्लाई चेन को देती है। कॉन्ट्रैक्ट फॉर्मिंग हो या कर्नाटक, राजस्थान से लेकर अफगानिस्तान और ईरान से मसाले मंगाने तक के लिए कंपनी की सप्लाई चेन मजबूत है।

एवरेस्ट ब्रैंड के मालिक एस नरेंद्रकुमार 13 % शेयर के साथ मार्केट की अगुवाई कर रहे हैं जबकि उनके पीछे 12 % शेयर के साथ MDH है। शहरीकरण के दौर में उपभोक्ताओं के बीच पैकेटबंद मसालों की मांग बढ़ रही है जिससे मसालों और सॉस इत्यादि की बिक्री 2016 में 16 % बढ़ी है।

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मसाला बाजार में डीएस फूड्स, रामदेव जैसी घरेलू कंपनियां भारत में आगे हैं जबकि सॉस जैसे अंतरराष्ट्रीय उत्पादों में नेस्ले और हिंदुस्तान यूनिलिवर जैसी कंपनियां आगे हैं।

फ्यूचर ग्रुप के एफएमसीजी प्रेजिडेंट देवेंद्र चावला ने बताया, एक्सपोर्ट मार्केट में अपनी जगह बनाना भारत के घरेलू बाजार में जगह बनाने से कहीं ज्यादा आसान है क्योंकि यहां हर राज्य या क्षेत्र में लोगों की पसंद बदल जाती है। यह एक बड़ी चुनौती है। भारतीय कंपनियां इस मामले में भी सीमित रह जाती हैं क्योंकि वे नए उपभोक्ता वर्ग युवाओं के लिए चाइनीज, थाई और इटैलियन कंपनियों जैसे उत्पाद नहीं उतार पाती है।

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