नए साल में अर्थव्यवस्था के सुस्त रहने के असार, विकास दर 7.6% से गिरकर 7.1% रहने की आशंका

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एसोचैम का मानना है कि नोटबंदी का सबसे ज़्यादा असर छोटे उद्योगों और कृषि क्षेत्र पर पड़ा है और इन क्षेत्रों से जुड़ें उद्यमियों और आम लोगों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए सरकार को इस साल के बजट में बड़े स्तर पर पहल करनी होगी। देखना अहम होगा कि सरकार इस चुनौती से कैसे निपटती है।

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