वॉट्सऐप पर लगने वाली है लगाम, हाई कोर्ट ने की पहल

0
वाट्सऐप
Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse

अपनी नई प्रिवेसी पॉलिसी को लेकर दुनियाभर में विवादों का सामना कर रहे वॉट्सऐप की मुश्किलें बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार और ट्राई को वॉट्सऐप और इस जैसे अन्य प्लैटफॉर्म्स को रेग्युलेटरी फ्रेमवर्क के तहत लाने की संभावनाएं तलाशने के लिए कहा है। कोर्ट ने वॉट्सऐप को भी आदेश दिया है कि यूजर के अकाउंट डिलीट करते ही उसकी सारी इन्फर्मेशन हटा दी जाए और इसे फेसबुक के साथ शेयर न किया जाए।

इसे भी पढ़िए :  चुनाव से पहले किसानों को मोदी सरकार का तोहफा, 660 करोड़ रुपए का ब्याज माफ

फेसबुक के इन्स्टंट मेसेजिंग और वॉइस कॉलिंग ऐप वॉट्सऐप ने 25 अगस्त को नई प्रिवेसी पॉलिसी जारी की थी, जिसके खिलाफ दिल्ली हाई कोर्ट में दो छात्रों की तरफ से जनहित याचिका दाखिल की गई थी। कर्मण्य सिंह सरलीन और श्रेया सेठी नाम के इन स्टूडेंट्स का कहना था कि नई पॉलिसी के तहत यूजर्स के अधिकारों का उल्लंघन करते हुए उनकी गोपनीय जानकारी को वॉट्सऐप से संबंधित कंपनियों को शेयर किया जा सकता है।

इसे भी पढ़िए :  मोदी ने अखिलेश पर उठाए सवाल, पूछा ‘काम बोलता है तो HC क्यों बोलता है ?’

याचिका में कहा गया था, ‘7 जुलाई, 2012 से अब तक जो वॉट्सऐप की प्रिवेसी पॉलिसी चली आ रही थी, उसे 25 अगस्त को बदल दिया गया। नई पॉलिसी यूजर्स के अधिकारों के साथ समझौता करती है और उनके प्रिवेसी राइट्स को खतरे में डालती है।’ हाई कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार करते हुए सुनवाई शुरू करते हुए वॉट्सऐप और केंद्र सरकार को नोटिस जारी करके जवाब मांगा था।

इसे भी पढ़िए :  अमित शाह बोले, UP में सपा और बसपा का खेल बहुत हो चुका, एक मौका अब BJP को दीजिए
Prev1 of 3
Use your ← → (arrow) keys to browse