आज ममता बनर्जी करेंगी सोनिया गांधी से मुलाकात, टेंशन में आए पश्चिम बंगाल में कांग्रेस के नेता

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ममता

दिल्ली में आज दो दिग्गज नेताओं की मुलाकात होने वाली है। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दोनों आज एक बड़े मुद्दे पर मीटिंग करने जा रही है। मुद्दा है राष्ट्रपति चुनाव का। और विपक्ष की कोशिश है कि क्यों न एकजुट होकर बीजेपी को इस चुनाव में कड़ी टक्कर दी जाए।

राष्ट्रपति चुनाव पर विपक्षी रणनीति के लिहाज से सोनिया और ममता की मुलाकात बेहद अहम मानी जा रही है। हालांकि यह भी कहा जा रहा है कि ममता राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को एक और टर्म देने के लिए ज्यादा इच्छुक हैं। यह बात दीगर है कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में विपक्षी खेमे में शामिल कांग्रेस लगातार हर मोर्चे पर ममता का विरोध करती रही है। कांग्रेस ही नहीं माकपा भी ममता का विरोध कर रही है।

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ख़बरों के मुताबिक ममता बनर्जी, पूर्व लोकसभा स्पीकर मीरा कुमार और पश्चिम बंगाल के पूर्व गवर्नर गोपाल कृष्ण गांधी को राष्ट्रपति पद की उम्मीदवारी के लिए समर्थन दे सकती हैं।

बता दें कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी का कार्यकाल जुलाई को ख़त्म होने जा रहा है। ये पहला मौका नहीं है जब बनर्जी, मीरा कुमार को इस पद के लिए समर्थन दे रही हैं क्योंकि उनके मुताबिक वो इसके लिए योग्य हैं।

सूत्रों के मुताबिक विपक्षी खेमों के संयुक्त उम्मीदवार के तौर जिन नामों की चर्चा हो रही है, उनमें पांच नाम शामिल हैं। गोपाल कृष्ण गांधी, मीरा कुमार, शरद पवार, शरद यादव और मौजूद राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के नाम पर चर्चा की जा रही है।

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नीतीश ने दिया प्रणब मुखर्जी का नाम

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रणब मुखर्जी को दूसरी बार राष्ट्रपति बनाने की बात कही। नीतीश कुमार ने कहा कि बीजेपी को दूसरे दलों से बात करनी चाहिए और प्रणब मुखर्जी के नाम पर सहमति बनानी चाहिए।

हालांकि मुख्य विपक्षी कांग्रेस ने दूसरे कार्यकाल के लिए मुखर्जी को समर्थन देने के मुद्दे पर गेंद बीजेपी के पाले में डाल दी। कांग्रेस ने कहा कि इस बारे में सत्तारूढ़ पार्टी को फैसला करना है। कांग्रेस ने साफ कहा है कि संयुक्त उम्मीदवाद उतारने के लिए विपक्षी दलों के बीच आम-सहमति बनेगी।

बदल रहे समीकरण

अगर इस चुनाव में सभी विपक्षी दलों में सहमति बन जाती है तो 2019 के लोकसभा चुनाव में गैर -बीजेपी पार्टियों के गठबंधन की संभावनाओं को बल मिल सकता है। हालांकि मंगलवार को सोनिया गांधी से होने वाली मुलाकात के पहले बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा ‘ कांग्रेस, सीपीएम और बीजेपी बंगाल में स्थानीय स्तर पर एक साथ काम कर रहे हैं। ये बड़ी समस्या है’।

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बंगाल की राजनीति के हिसाब से देखें तो राष्ट्रपति चुनाव को लेकर यहां ममला काफी उलझा हुआ दिखाई देता है। यहां पर कांग्रेस तृणमूल कांग्रेस की नंबर वन दुश्मन लेफ्ट फ्रंट के साथ चुनाव लड़ चुकी है। जबकि दिल्ली में ऐसा लग रहा है कि कांग्रेस और टीएमसी दोनों ही एक दूसरे के करीब आ रहे हैं।