स्वच्छता मिशन पर बोले मोदी कहा, बजट से स्वच्छता नहीं आती

0
स्वच्छता मिशन

स्वच्छता मिशन के दो साल पूरे होने के तहत शुक्रवार को दिल्ली में इंडोसैन कॉन्फ्रेंस(इंडिया सैनिटेशन कॉन्फ्रेंस) का आयोजन किया जा रहा है। विज्ञान भवन में आयोजित हो रहे इस कार्यक्रम में पीएम मोदी ने कहा कि गंदगी किसी को पसंद नहीं, लेकिन कोई इसे दूर करने की हिम्मत नहीं करता। गंदगी के प्रति नफरत का माहौल होना चाहिए। मोदी ने आगे कहा कि स्वच्छता सिर्फ प्रधानमंत्री का मिशन नहीं है। स्वच्छता सिर्फ बजट देने से नहीं आती। लोगों में गंदगी के प्रति नफरत का माहौल होना चाहिए। अभी भी लोगों के बीच जागरुकता की जरुरत है। लोगों को अभी भी खाली पड़े मैदन में कूड़ा फेंकने की आदत है। शहरों के बीचों-बीच कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। अगर मन में ठान ले तो इस आदत को दूर किया जा सकता है।

इसे भी पढ़िए :  भारत की राह पर चला वेनेजुएला, सबसे बड़ा नोट बंद, सिर्फ 72 घंटों में बदलने होंगे पुराने नोट

पीएम ने कहा कि जिस दिन हम यह समझ लेंगे कि देश भी हमारा है, सरकार भी हमारी है और सरकारी सम्पत्ति भी हमारी है, उस दिन चीजें बदल जाएंगी । हम अपने घरों में तो सफाई रखते हैं लेकिन सार्वजनिक जगहों पर गंदगी फैलाने में पीछे नहीं रहते।

इसे भी पढ़िए :  नोटबंदी पर मोदी के सर्वे को शत्रुघ्न सिन्हा ने बताया 'प्लांटेड', कहा- कुछ निहित स्वार्थों के लिए कराया सर्वे

इस दौरान पीएम मोदी ने मीडिया की तारीफ करते हुए कहा कि इस मिशन को मीडिया के दोस्तों ने मुझसे से भी ज्यादा प्रमोट किया। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को लेकर सोशल मीडिया पर मीडिया की भूमिका सकारात्मक है। बच्चे भी स्वच्छता को लेकर बड़ों को जागरुक करते हैं।

इसे भी पढ़िए :  एक निजी कंपनी का दावा, हमारी तीन साल पुरानी वीडियो का इस्तेमाल कर पीएम मोदी ने किया कैशलैस इकोनोमी का प्रचार

पीएम ने आगे कहा कि भारतीय कल्चर ‘यूज ऐंड थ्रो’ वाला नहीं है। चीजें रीसाइकल करना हमारे स्वभाव में है। इसे बस थोड़ा वैज्ञानिक बनाने की जरूरत है। हम गंदगी को वेस्ट नहीं वेल्थ मानकर ट्रीट करें, सफाई अपने-आप हो जाएगी। उन्होंने राज्य सरकारों से स्वच्छता प्रतियोगिता आयोजित करने की अपील की।