दोषी नेताओं पर लगे आजीवन प्रतिबंध, सुप्रीम कोर्ट ने सरकार और चुनाव आयोग से मांगा जवाब

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

याचिका में कहा गया है, ‘कार्यपालिका और न्यायपालिका का कोई व्यक्ति जब किसी अपराध का दोषी ठहराया जाता है तो उसे स्वत: निलंबित कर दिया जाता है और आजीवन सेवा पर रोक लगा दी जाती है। हालांकि, यह नियम विधायिका के दोषी व्यक्ति के मामले में अलग तरीके से लागू होता है।’

इसे भी पढ़िए :  पाकिस्तानी बच्ची ने UP में बीजेपी की जीत पर PM मोदी को दी बधाई

याचिका के मुताबिक 34 फीसदी सांसदों के खिलाफ आपराधिक मामले लंबित पड़े हुए हैं लेकिन इस समस्या के निपटारे के लिए कुछ भी नहीं किया जा रहा है। उनमें से कम से कम 25 फीसदी सांसदों पर गंभीर और जघन्य अपराधों जैसे रेप, हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, डकैती और फिरौती के मामले दर्ज हैं।

इसे भी पढ़िए :  जानें बीजेपी के कांग्रेस मुक्त नॉर्थ ईस्ट के सपने को किसने दिया झटका

 

2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse