हमलावरों के लिए सख्त से सख्त सजा चाहते हैं शहीदों के परिजन

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परिजन
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उरी हमले में शहीद हुए सेना के जवानों के परिजन सदमे में हैं। हवलदार अशोक कुमार सिंह की पत्नि संगीता देवी की तो दुनिया ही उजड़ गई। उनको ये मनहुस ख़बर उनके बेटे ने दी। सोमवार सुबह उन्‍हें दुखद खबर मिली। उन्‍हें गांव से दूर डॉक्‍टर के पास ले जाया गया जहां पर उन्‍हें ग्‍लूकोस चढ़ाया गया। वे बार-बार बेहोश हो रही थीं। अशोक के पिता जगनारायण सिंह की आंखें पथरा चुकी हैं। 80 साल के जगनारायण के लिए यह दूसरा बड़ा झटका है। उनके बड़े बेटे बेटा कामता सिंह भी 30 साल पहले शहीद हो गए थे। कामता सिंह छह सितम्‍बर 1986 को राजस्‍थान में एक आतंकी हमले में शहीद हो गए थे। बावजूद इसके जगनारायण ने अपने एक पोते को फौज में जाने के लिए प्रेरणा दी। शहीद अशोक सिंह की पत्‍नी का कहना है, ”कुछ नहीं चाहिए, हमको हमारे पति और 17 जवानों का बदला चाहिए।”

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बिहार के मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने शहीदों के परिवार के लिए 5-5 लाख रुपये का एलान किया है। साथ ही शहीदों का राजकीय सम्‍मान से अंतिम संस्‍कार किया जाएगा। बिहार से तीन जवान अशोक कुमार सिंह, सिपाही राकेश सिंह और नायक सुनील कुमार विद्यार्थी उरी हमले में शहीद हुए हैं। कश्‍मीर के उरी में आर्मी बेस पर हमले में सेना के 17 जवान शहीद हुए। इस हमले में 19 जवान घायल भी हुए हैं। सेना ने शहीद जवानों के नाम जारी कर दिए हैं। इनमें से चार उत्‍तर प्रदेश, तीन-तीन बिहार व महाराष्‍ट्र, दो-दो झारखंड, महाराष्‍ट्र, पश्चिम बंगाल और एक राजस्‍थान से हैं। शहीद होने वाले सैनिकों में 15 6बिहार और दो डोगरा रेजीमेंट के हैं।

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अगले पेज में देखिए शहीदों के परिजन क्या चाहते हैं?

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