नोटबंदी के 50 दिन, ये आकड़े आपको चौका देंगे

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बैंक

‘हिन्दुस्तान’ की रिर्पोट के मुताबिक बैंको में 80% पुराने नोट वापस आए, वहीं नए नोट सिर्फ 25% है। अगर जमा राशि की बात करे तो 300 प्रतिशत नकदी बैंकों में बढ़ी है। बैंकों के पास 2.5 लाख करोड़ रुपये जमाधन था जो अब 7 लाख करोड़ से ज्यादा हो गया है। नोटबंदी के ऐलान से पहले बाजार में 15.44 लाख करोड़ रुपये 1000 और 500 के नोट के रुप में थे।

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आरबीआई के मुताबिक 10 नवंबर से 10 दिसंबर के बीच कम से कम 12.44 लाख करोड़ रुपये पुराने नोटों के रुप में जमा हुए। वहीं दूसरी ओर विशेषज्ञो के मुताबिक 30 दिसंबर तक प्रतिबंध लगे 500 और 1000 के नोटों की संख्या 13 से 13.5 लाख करोड़ रुपये हो सकती है।

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एसोचैम के मुताबिक 95 करोड़ भारतीयों के पास अब भी इंटरनेट की पहुंच नहीं है। इंटरनेट स्पीड के मामले में भी भारत 3.5 एमबीपीएस के साथ विश्व रैंकिंग में 113वें नंबर पर है। नए नोटों की छपाई के बावजूद पर्याप्त मात्रा में नकदी आम लोगों तक नहीं पहुंच पा रही है।

इसमें जमाखोरी बड़ी बाधा। आरबीआई अनुमानित आर्थिक विकास की दर को 7.6 से 7.1 कर चुका है। एशिया विकास बैंक ने भी विकास दर में कमी की।एसोचैम ने 2017 तक मोबाइल फ्रॉड में 65 फीसदी बढ़ने की आशंका जताई थी। साइबर धोखाधड़ी को रोकना बड़ी चुनौती। एक अनुमान के मुताबिक मार्च, 2016 तक देश में सिर्फ 53 फीसदी लोगों के ही बैंक खाते थे। पूरे देश को बैंक से जोड़ना होगा।

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