7 जुगाड़, बैंकरों ने ऐसे किया कैश का बड़ा खेल

0
बैंकरों
Prev1 of 7
Use your ← → (arrow) keys to browse

नोटबंदी की घोषणा के बाद बैंकिंग सिस्टम में नए नोट आते रहने के बावजूद एटीएमों के बाहर लोगों की लाइनें छोटी नहीं हो रही हैं क्योंकि कुछ भ्रष्ट बैंक मैनेजर और अधिकारी काले धन को सफेद करने में जुटे हैं। अब तक दर्ज हुए मामलों पर गौर करने और कई सर्विंग और रिटायर्ड बैंकरों से बात कर उन 7 करतूतों की एक सूची तैयार हुई है जिनके जरिए कुछ बैंकर व्यवस्था के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं। आगे देखिए, इन बैंकरों ने ब्लैक मनी वालों का साथ देने के लिए कैसे-कैसे हथकंडे अपनाए…

इसे भी पढ़िए :  हिज्बुल आतंकी मूसा ने ऑडियो टेप जारी कर दी हुर्रियत नेताओं की सिर काटने की धमकी, कहा कश्मीर में शरियत लागू होकर रहेगा

1 – सही कस्टमर की पहचान चुराना
8 नवंबर को नोटबंदी की घोषणा के बाद से ईमानदार खाताधारक पुराने नोट बदलवाने के लिए बैंकों के बाहर कतार में खड़े हैं। लेकिन, उन्हें नहीं पता है कि पैन कार्ड और पहचान पत्र के जो दूसरे दस्तावेज वह बैंकों को दे रहे हैं, उनका गलत इस्तेमाल हो रहा है। जांचकर्ताओं को पता चला है कि कुछ बैंकरों ने ग्राहकों से चोरी-छिपे उनके पहचान पत्रों का इस्तेमाल अवैध लेनदेन में किया है।

इसे भी पढ़िए :  नोटबंदी का 'आईडिया' देने वाले बोकिल ने पीएम मोदी पर लगाए चौंकाने वाले आरोप!

कैसे किया?
भ्रष्ट बैंकरों ने कस्टमर्स को एक बार पैसे देकर उनके आईडी डीटेल्स ले लिए, लेकिन जब वही कस्टमर्स दुबारा उसी ब्रांच में गए तो उन्हें नए नोट नहीं होने का हवाला देकर लौटा दिया। बैंकरों ने इन कस्टमर्स को पैसे देने के बजाय नए नोटों का अवैध लेनदेन किया।
उदाहरण
सीबीआई ने बेंगलुरु के इंदिरानगर स्थित कर्नाटक बैंक के चीफ मैनेजर सूर्यनारायण बेरी को इसी तरह के फर्जीवाड़े में पकड़ा।

इसे भी पढ़िए :  सिलेक्ट हुए 60 प्रतिशत लोगों ने BSF ज्वॉइन करने से किया इनकार, वजह जानकर चौंक जाएंगे

अगले पेज पर पढ़िए- ATM के जरिए हेराफेरी

Prev1 of 7
Use your ← → (arrow) keys to browse