ब्रिक्स सम्मेलन 2016: आतंकवाद पर नकेल कसने में नाकाम हुए मोदी, चीन फिर बना रोड़ा

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ब्रिक्स सम्मेलन के अंत में जारी घोषणा पत्र में कहा गया, ‘हम हाल में भारत समेत कुछ ब्रिक्स देशों में हुए हमले की कड़ी निंदा करते हैं। हम हर तरह के आंतकवाद का पुरजोर विरोध करते हैं और सैद्धांतिक, धार्मिक, राजनीतिक, नस्लीय और किसी भी अन्य वजहों से की गई किसी भी तरह की आतंकवादी गतिविधियों को उचित नहीं ठहराया जा सकता। हमने अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद से मुकाबले के लिए द्विपक्षीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों स्तरों पर सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई है।’

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अमर सिन्हा ने बताया कि घोषणा पत्र में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद को शामिल करने पर साउथ अफ्रीका और ब्राज़ील के कारण सहमति नहीं बन पाई क्योंकि वो आतंकवादी गतिविधियों को नहीं झेल रहे हैं।

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