सर्जिकल स्ट्राइक पर फंसने लगे मोदी, पढ़िए कैसे

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

पी चिंदबरम ने एक अखबार को दिए इंटरव्यू में कहा कि भारत ने 2013 में एक बहुत बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की थी। चिदंबरम ने बताया कि तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने रणनीतिक गतिरोधों को ध्यान में रखते हुए इस जानकारी सार्वजनिक नहीं करने का फैसला किया था। चिदंबरम ने सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर किसी भी तरह का अपरिपक्व फैसला लेने से बचने की भी सलाह दी।

इसे भी पढ़िए :  सर्जिकल स्ट्राइक : वीडियो जारी करना चाहती है सेना, मोदी नहीं दे रहे इजाजत

कांग्रेसी नेता संदीप दीक्षित ने पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और उनके पूर्व मंत्रियों को लिखे एक खुले पत्र में भी ऐसे ही सवाल उठाए हैं। दीक्षित ने अपने पत्र में संकेत किया है कि कांग्रेस सरकार के 10 साल के शासन में भारत ने कई सर्जिकल स्ट्राइक की लेकिन उन्होंने उनका ऐसा प्रचार नहीं किया है। दीक्षित ने लिखा है, “आपके प्रधानमंत्री काल में भी कई मौकों पर ऐसी कार्रवाई की बातें मैंने सुनी थीं। 2007, 2009, मुंबई हमले के बाद, 2011 में, जनवरी 2013 और 2014 की शुरुआत में और कई बार।”

इसे भी पढ़िए :  दुनिया के सबसे सुरक्षित होटल में पीएम मोदी ने बिताई रात

भारतीय सेना के कई पूर्व अधिकारियों ने भी कहा है कि सेना द्वारा सीमा नियंत्रण रेखा के पार जाकर सर्जिकल अटैक करना नई बात नहीं है। भारतीय वायु सेना के पूर्व एयर वाइस मार्शल मनमोहन बहादुर ने एक लेख में जुलाई 10981 में भारतीय सेना द्वारा किए गए सर्जिकल स्ट्राइक का विस्तृत ब्योरा दिया है। रणीनीतिक मामलों के कई जानकारों ने भी सर्जिकल स्ट्राइक को लेकर ऐसे ही सवाल उठाए हैं। टिप्पणीकार प्रताप भानू मेहता ने अपने हालिया लेख में लिखा है, “ऐसा ऑपरेशन पहली बार नहीं हुआ है। लेकिन भारत की नीयत और निश्चय दर्शान के लिए ऑपरेशन का इस्तेमाल नया है।”

इसे भी पढ़िए :  गरीबों ने नोटबंदी का पूरा समर्थन किया है: भाजपा
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse