जानिए क्या है आज के और 2011 के सर्जिकल स्ट्राइक में फर्क

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प्यूनिटिव एक्शन टीम यानी दुश्मन के दुस्साहस का पर उसे सज़ा देने वाला भारतीय सेना का दस्ता पहले भी सीमा पार ऐसे आपरेशन करता रहा है। तैयारी, स्केल कम होने और राजनीतिक मंज़ूरी के बग़ैर यह सर्जिकल स्ट्राइक नहीं होती थी। कारण ऐसी किसी भी गतिविधि पर सरकार कुछ गड़बड़ होने पर कोई ज़िम्मेदारी नहीं लेती थी।
अपने साथियों की हत्या से क्रुद्ध सेना अपने रिस्क पर अनाधिकृत यानी आफ द रिकार्ड मंज़ूरी पर पीओके जाकर आपरेशन करते रहे हैं। कुछ भी गड़बड़ होने पर सेना के स्तर पर ही अनुशासनात्मक कार्रवाई कर उल्टे आपरेशन को अंजाम देने वाले अधिकारियों की रैंक छिनने की आशंका होती थी।
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