नकली नोटों को कराची से दिल्ली लाने का बदला रूट, पढ़िए कौन सा होगा नया रास्ता

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उम्दा क्वालिटी के नकली नोटों की छपाई कर उसे बाजार में उतारने तक इसकी कीमत आधी तक हो जाती है। दरअसल छपाई के बाद सीमापार से चलने वाली नकली नोटों की छपाई की खेप तीन श्रेणियों से होते हुए भारत तक पहुंचती हैं। इसमें पहली श्रेणी नोटों की छपाई करने वालों की होती है। दूसरी उन लोगों की जो भारत में नोटों की सप्लाई के लिए आईएसआई व भारतीय नेटवर्क की कड़ी का काम करते हैं। तीसरी श्रेणी उन लोगों की होती है।

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जो देश में नकली नोटों खेप की सप्लाई पहुंचने के बाद उसे अपने भारतीय नेटवर्क व बाजार में उतारते हैं। इन नोटों की सप्लाई पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई अपने नेटवर्क के जरिए देश के विभिन्न इलाकों में कराती है।

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