किसान आंदोलन : सीएम शिवराज ने तोड़ा उपवास

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शिवराज

भोपाल : मध्य प्रदेश में शांति बहाली के लिए गांधीवादी स्टाइल अपनाने के दूसरे दिन सीएम शिवराज सिंह चौहान ने अपना उपवास तोड़ दिया। बीजेपी के वरिष्ठ नेता कैलाश जोशी ने शिवराज को नारियल पानी पिलाकर उनका उपवास तुड़वाया। उपवास तोड़ने पहले अपने संबोधन में शिवराज सिंह ने एक बार फिर किसानों के साथ होने की बात दोहराई साथ ही हिंसा के लिए जिम्मेदार तत्वों पर कार्रवाई की बात कही।

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वह एसी कमरों में बैठने वाले सीएम नहीं हैं। उन्होंने कहा, ‘जब-जब किसानों पर संकट आया, मैं मंत्रालय, सीएम हाउस से निकलकर खेतों तक गया।’ सीएम ने अपने संबोधन में भारतीय किसान संघ जैसे संगठनों को साथ देने के लिए शुक्रिया भी कहा। गौरतलब है कि एमपी में किसान आंदोलन के शुरुआती दिनों में सीएम से आश्वासन मिलने के बाद भारतीय किसान यूनियन ने अपना आंदोलन वापस ले लिया था।एमपी के सीएम ने एक बार फिर मध्य प्रदेश में हिंसक प्रदर्शन करने वालों को अराजक तत्व कहा। शिवराज सिंह ने कहा कि कोई भी किसान दूध नहीं फेंक सकता। दूध फेंकने का काम अराजक तत्वों का है। उन्होंने मंदसौर घटना की उच्चस्तरीय जांच करा दोषियों पर कार्रवाई की बात कही, साथ ही कहा कि निर्दोष किसानों को चिंता करने की जरूरत नहीं है।

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सीएम ने ‘लैंड यूज अडवाइजरी सर्विस’ शुरू करने की घोषणा की ताकि किसानों को अपनी जमीन और उपज से संबंधित उचित जानकारी मिलती रहे। इसके अलावा उन्होंने कहा कि ऐसे किसान जो इंट्रेस्ट नहीं दे सकते उनके लिए जीरो फीसदी ब्याज दर पर लोन की व्यवस्था की जाएगी। उपवास खत्म करने के बाद सीएम ने वहां मौजूद किसानों से मुलाकात की। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने किसानों से उनके मांग पत्र भी लिए। छह जून को मंदसौर जिले में किसान आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर पुलिस द्वारा की गई फायरिंग में पांच किसानों की मौत हो गई थी।

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