नगरोटा में शहीद हुए मेजर के पिता की बातें सुनकर हर हिन्दुस्तानी का सीना गर्व से हो जाएगा चौड़ा

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मेजर कुणाल के दोनों भाई उनसे छोटे थे, जो पारिवारिक बिजनेस संभालते हैं। कुणाल ने स्कूल की पढ़ाई पंधारपुर से की थी, वहीं ग्रेजुएशन पुणे के ब्रिहान महाराष्ट्र कॉलेज ऑफ कॉमर्स से की थी। वह 2006 में सेना से जुड़े थे और उनकी शादी 2009 में हुई। बता दें कि मंगलवार सुबह जम्मू-कश्मीर के नागरोटा में आर्मी यूनिट पर हमला हुआ। इस हमले में 7 जवान शहीद हुए, जबकि 3 आतंकी मार गिराए गए।

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इस हमले में कुणाल के साथ महाराष्ट्र के नांदेड जिले के रहने वाले लांसनायक संभाजी यशवंत कदम भी शहीद हुए हैं। नांदेड के लोहा तालुका के रहने वाले शहीद संभाजी कदम मराठा लाइट इंफंट्री में भर्ती हुए थे। यशवंत कदम के परिवार में पिता यशवंत, माता लता, पत्नी शीतल, तीन साल की बेटी तेजस्विनी और दो बहने हैं। परिवार का जनापुरी में छोटा सा फार्म है। गांव के सरपंच बाला पाटिल ने परिवार को कदम के शहीद होने की सूचना दी थी। हमले में शहीद होने वालों में बेंगलुरु के रहने वाले मेजर अक्षय गिरीश कुमार भी थे। 31 वर्षीय अक्षय ने पांच साल पहले अपने बचपन की मित्र संगीता से शादी की थी। उनकी 2.5 साल की एक बेटी है। बताया जाता है कि अक्षय के पिता भी वायुसेना के पायलट रह चुके हैं।

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