भारत में पहली बार पढ़ाया जाएगा जनसंहारों का इतिहास, सिलेबस में हुआ शामिल, जानिए सबसे पहले कहां पढ़ाया जाएगा

0
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse

भारत में हुए जनसंहार सिलेबस में नहीं
भारत में हुए जनसंहारों को इस सिलेबस में शामिल नहीं किया गया है। नवरस जाट आफरीदी कहते हैं कि ‘भारत में हुई सामूहिक हिंसा की घटनाओं पर चर्चा, भेदभाव और मनमुटावों को जन्म दे सकती थी। जैसे गुजरात के मुस्लिम विरोधी हिंसा पर बात होने पर, कुछ छात्र कश्मीर की हिंदू विरोधी हिंसा पर बात नहीं किए जाने की शिकायत ले खड़े हो सकते हैं। मैंने जानबूझकर भारत से संबंधित किसी भी सामूहिक हिंसा को सिलेबस में शामिल नहीं किया, क्योंकि ऐसा करने से छात्रों का निष्पक्ष बने रहना मुश्किल होता।‘ इस सिलेबस के पहले तक जनसंहार स्टडी पर आधारित कोई भी सिलेबस भारत में नहीं पढ़ाया जाता था।

इसे भी पढ़िए :  दिल्ली एयरपोर्ट पर विदेशी नागरिक के पास से मिले 54 लाखों के नए नोट, मचा हड़कंप
2 of 2Next
Use your ← → (arrow) keys to browse