संसद में आ रहा है एक अनूठा विधेयक, शादियों में अंधा-धुंध खर्चों पर अब लगेगी लगाम

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इस बिल में शादी के खर्च, मेहमानों की संख्या और पकवानों की संख्या निर्धारित करने का भी प्रावधान है। इस बिल को लाने के मकसद पर रंजीता रंजन का कहना है, “इस बिल को लाने का मकसद शादियों में ज्यादा खर्च और बर्बादी को रोकना है। लोगों को मैरिज प्रोग्राम सादा तरीके से करने चाहिए।”

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रंजीता के मुताबिक, “अगर कोई अपने यहां होने वाली शादी में 5 लाख से ज्यादा खर्च करता है तो उसे सरकार को एडवांस में खर्च बताना होगा। टोटल अमाउंट का 10 फीसदी वेलफेयर फंड में देना होगा। इसे पैसे का इस्तेमाल गरीबी रेखा से नीचे गुजारा करने वाली फैमिली की बेटियों की शादी में किया जाएगा।”

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