भारत की पॉलिसी में बदलाव! पाकिस्तान पर पहले न्यूक्लियर अटैक कर सकता है भारत

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भारत
प्रतीकात्मक तस्वीर

अमेरिकी अखबार न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स ने लिखा पाकिस्‍तान के साथ अब अगर हुए युद्ध के हालात तो भारत कर देगा परमाणु हमला। अखबार का दावा अपनी नीति में परिवर्तन ला रहा है भारत। न्‍यूयॉर्क टाइम्‍स में 31 मार्च को आए आर्टिकल में इस परमाणु हमले की संभावना जताई गई है।

भारत की नीति में बदलाव न सिर्फ परमाणु हथियारों पर उसकी बदली हुई सोच को दर्शाता है बल्कि वह यह भी बताता है कि अपनी रक्षा के लिए भारत अपनी पुरानी कल्‍पनाओं को छोड़ने पर विवश हो जाएगा।
हाल ही में अमेरिकी थिंक टैंक कार्नेगी की ओर से एक कांफ्रेंस के दौरान भी इसी तरफ इशारा किया गया था। न्‍यूक्लियर पॉलिसी से जुड़ी इस कांफ्रेंस में कहा गया था कि भारत का पहला हमला शहरों पर केंद्रित नहीं होगा और इस हमले का निशाना पाक के परमाणु हथियारों का ठिकाना होगा।

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परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर भारत की नीति में बदलाव का पहला इशारा पिछले साल नवंबर में तत्कालीन रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के बयान से मिला। पर्रिकर ने सवाल उठाया कि आखिर क्यों भारत को परमाणु हथियारों के इस्तेमाल की पहल करने से खुद को रोकना चाहिए। हालांकि, बाद में उन्होंने इसे अपना निजी नजरिया करार दिया था।

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पर्रिकर के बाद पूर्व विदेश सचिव शिवशंकर मेनन ने भी माना कि किसी परमाणु ताकत संपन्न देश के खिलाफ भारत न्यूक्लियर हथियार कब इस्तेमाल करेगा, इससे जुड़ी स्थितियां साफ नहीं हैं। इन विचारों के बाद न्यूक्लियर एक्सपर्ट यह सोचने के लिए मजबूर हो गए कि क्या भारत परमाणु हथियारों के इस्तेमाल के सिद्धांतों को नई दिशा दे रहा है?

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इन अटकलों को उस वक्त और ज्यादा बल मिला, जब विश्व प्रसिद्ध मेसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी ( MIT) के विद्वान  परमाणु मसलों के विशेषज्ञ विपिन नारंग ने वॉशिंगटन में आयोजित इंटरनैशनल न्यूक्लियर पॉलिसी कॉन्फ्रेंस में अपनी राय रखी। नारंग के मुताबिक, भारत परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से जुड़ी ‘नो फर्स्ट यूज’ पॉलिसी को छोड़ सकता है। अगर उसे लगता है कि पाकिस्तान उसके खिलाफ किसी भी तरह का न्यूक्लियर हमला करने की योजना बना रहा है तो वह पहले ही परमाणु जंग छेड़ सकता है।