चीन से ‘दो-दो हाथ’ करने की प्लानिंग कर रहा है भारत, पढ़िए क्या करने वाला है

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चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स में जयशंकर का बयान छपा है। उन्होंने कहा, ‘हमारे लिए यह संप्रभुता का सवाल है जिसका समाधान सबसे पहले करने की जरूरत है।’ नई दिल्ली का मानना है कि आर्थिक गलियारा पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर पर भारत के स्टैंड का तिरस्कार करता है। जयशंकर ने ग्लोबल टाइम्स से कहा, ‘जहां तक बात आतंकवाद की है, तो आतंकवाद के खिलाफ चीन का काफी मजबूत और सैद्धांतिक नजरिया है। उम्मीद करते हैं कि चीन इस नजरिए पर आगे काम करेगा।’

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भारतीय विदेश सचिव ने पेइचिंग में चीन के स्टेट काउंसलर से मुलाकात की। जयशंकर ने कहा, ‘वह भारत-चीन रिश्ते कायम रखने की दृढ़ प्रतिबद्धता की भावना के साथ यहां आए हैं।’ 2013 तक चीन में भारत के राजदूत रहे जयशंकर ने कहा कि वह ‘पुरानी यादों और बहुत अच्छी भावनाओं’ के साथ पेइचिंग आए हैं।

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